राहुल गांधी की बढ़ीं मुश्किलें: नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय व अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाए।

Rahul Gandhi
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का तीन पृष्ठों का नोटिस सौंपा। नोटिस में ठाकुर ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय, अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया तथा उनके विरुद्ध गंभीर व पूरी तरह बेबुनियाद आरोप लगाए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि मामले की विस्तृत जांच कराई जाए और इसे उपयुक्त कार्रवाई के लिए विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए। साथ ही राहुल गांधी को सदन और गृह मंत्री अमित शाह दोनों से बिना शर्त माफी मांगने का स्पष्ट निर्देश देने की मांग की गई है।

भाजपा सांसद ने सदन की 29 जुलाई की कार्यवाही का विशेष उल्लेख किया है। उस दिन लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कथित बातचीत का हवाला दिया था। ठाकुर का आरोप है कि इस दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा के नियम 352 का उल्लंघन किया। नोटिस में कहा गया है कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा न केवल संसदीय गरिमा के विपरीत थी, बल्कि गृह मंत्री के व्यक्तिगत और आधिकारिक सम्मान पर भी आघात पहुंचाने वाली थी। अनुराग ठाकुर ने जोर देकर कहा कि सदन की कार्यवाही में ऐसी टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं और इन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

29 जुलाई को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किसी व्यक्ति या सांसद का नाम लिए बिना जंतर मंतर पर एक महिला छात्र से हुई बातचीत का हवाला देते हुए लोगों को तीन श्रेणियों में बांटा। उन्होंने इन श्रेणियों को स्टूडेंट, इडियट और अंधभक्त बताया। राहुल गांधी ने कहा कि स्टूडेंट वे होते हैं जो खुले दिल और विचारों के साथ सच्चाई के पीछे चलते हैं। इडियट वह अहंकारी व्यक्ति है जो खुद को भगवान मानता है और किसी की बात नहीं सुनता। अंधभक्त वह व्यक्ति है जिसे पूरा यकीन होता है कि इडियट ही भगवान है। इस बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई। जवाब में राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वे सदन के अंदर किसी सदस्य या किसी का नाम लेकर यह बात नहीं कह रहे हैं, बल्कि केवल छात्रों के कहे शब्दों को शेयर कर रहे हैं।

क्या होता है विशेषाधिकार हनन?

विशेषाधिकार हनन तब होता है जब संसद या विधानमंडल के किसी सदस्य अथवा सदन के अधिकारों और विशेषाधिकारों का उल्लंघन या अपमान किया जाता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 105 (संसद के लिए) और अनुच्छेद 194 (राज्य विधानमंडलों के लिए) के तहत सदस्यों को ये विशेष अधिकार प्राप्त हैं। इसके मुख्य कारणों में सांसद को उसके कर्तव्य निभाने से रोकना, गलत बयानबाजी, सदन, उसकी समितियों या सदस्यों पर झूठे और निराधार आरोप लगाना, सदन की अवमानना करना, सदन के आदेशों की अवहेलना करना या उसकी कार्यवाही की गलत रिपोर्ट प्रकाशित करना शामिल है। पीड़ित सांसद लोकसभा में अध्यक्ष या राज्यसभा में सभापति को विशेषाधिकार हनन का नोटिस देता है। अगर अध्यक्ष या सभापति इसे सही मानते हैं तो मामला जांच के लिए विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया जाता है। दोषी पाए जाने पर सदन व्यक्ति को चेतावनी दे सकता है, सदन से निलंबित कर सकता है या अन्य दंड लगा सकता है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

और पढ़ें

Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।