
सोनिया और राहुल गांधी की बढ़ी मुश्किलें, नेशनल हेराल्ड केस में नई FIR; 2000 करोड़ का है मामला
ईडी ने 9 अप्रैल को गांधी परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत चार्जशीट दायर की थी। राउज एवेन्यू कोर्ट में एक विशेष सांसदों/विधायकों की अदालत के समक्ष यह मामला लंबित है।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ-साथ छह अन्य सहयोगियों और व्यावसायिक संस्थाओं के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में 2,000 करोड़ की संपत्ति वाली कांग्रेस द्वारा नियंत्रित एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को धोखाधड़ी से हासिल करने की आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह एफआईआर 3 अक्तूबर को दर्ज की गई है। हालांकि इसकी जानकारी अब जाकर सार्वजनिक हुई है। यह FIR प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मुख्यालय जांच इकाई (HIU) द्वारा दायर एक शिकायत पर आधारित है, जिसने PMLA की धारा 66(2) के तहत विस्तृत रिपोर्ट सौंपे हैं। आपको बता दें कि धारा 66(2) ईडी को किसी दूसरी जांच एजेंसी को अपराध की जांच करने और एफआईआप दर्ज करने के लिए कहने की अनुमति देती है।
FIR में आरोप है कि 2,000 करोड़ की संपत्ति वाली AJL को यंग इंडियन (Young Indian) के माध्यम से धोखाधड़ी से अधिग्रहित किया गया था, जिसमें गांधी परिवार की 76 हिस्सेदारी है। कोलकाता स्थित एक कथित 'शेल कंपनी' Dotex Merchandise Pvt Ltd का नाम भी FIR में है, जिसने कथित तौर पर यंग इंडियन को एक करोड़ किए, जिसमें से गांधी परिवार ने AJL का अधिग्रहण करने के लिए कांग्रेस को 50 लाख का भुगतान किया।
दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR में सोनिया और राहुल गांधी के अलावा दूसरे लोगों के भी नाम हैं। उनमें इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के मुखिया सैम पित्रोदा भी शामिल हैं। तीन अन्य लोगों में संभवतः सुमन दुबे और सुनील भंडारी शामिल है, जिन्हें ईडी की चार्जशीट में भी नामजद किया गया है। एफआईआर में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL), यंग इंडियन (Young Indian) और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड (Dotex Merchandise Pvt Ltd) को भी आरोपी बनाया गया है।
ईडी ने 9 अप्रैल को गांधी परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत चार्जशीट दायर की थी। राउज एवेन्यू कोर्ट में एक विशेष सांसदों/विधायकों की अदालत के समक्ष यह मामला लंबित है। अदालत ने अभी तक चार्जशीट का संज्ञान नहीं लिया है और 16 दिसंबर को इस पर फैसला सुनाया जा सकता है।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस AJL के शेयरधारकों को पूछताछ के लिए समन कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कांग्रेस ने कंपनी को यंग इंडियन को हस्तांतरित करने से पहले उनसे परामर्श किया था और उनकी मंजूरी ली थी या नहीं।
आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी लगातार इन आरोपों का खंडन करती रही है और ईडी पर सरकार के इशारे पर प्रतिशोध की राजनीतिक करना का आरोप लगाती रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि दिल्ली पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने के संबंध में संपर्क किए जाने पर पार्टी ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।





