Hindi NewsIndia NewsTrade with Iran will become more expensive and several countries could be hit by US tariffs
ईरान से व्यापार पड़ेगा महंगा, कई देशों पर पड़ सकती है अमेरिकी टैरिफ की मार; ट्रंप की मंजूरी

ईरान से व्यापार पड़ेगा महंगा, कई देशों पर पड़ सकती है अमेरिकी टैरिफ की मार; ट्रंप की मंजूरी

संक्षेप:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की मंजूरी देदी है जो कि ईरान के साथ व्यापार करते हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर कोई अमेरिका के साथ तालमेल बैठातै है तो टैरिफ समायोजित किया जा सकता है।

Feb 07, 2026 03:15 pm ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान संबंधी एक खास कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। यह आदेश अमेरिका को उन देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की अनुमति देता है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ईरान से सामान या सेवाएं खरीदते हैं। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह आदेश विशिष्ट टैरिफ स्तर तो निर्धारित नहीं करता है, लेकिन अधिकारियों को बदलती परिस्थितियों के आधार पर उन्हें तय करने और समायोजित करने के लिए अधिकृत करता है।

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इस आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर हालात बदलते हैं, जवाबी कार्रवाई होती है, या यदि ईरान अथवा कोई प्रभावित देश राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति एवं आर्थिक मामलों पर संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ तालमेल बिठाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाता है, तो राष्ट्रपति इस आदेश में संशोधन कर सकते हैं। यह आदेश विदेश मंत्री, वाणिज्य मंत्री और व्यापार प्रतिनिधि को टैरिफ प्रणाली एवं संबंधित उपायों को लागू करने के लिए नियम और दिशा-निर्देश जारी करने सहित सभी आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अधिकृत करता है।

इसका उद्देश्य ईरान के ऐसे कदमों का सामना करना है, जिसमें उसकी परमाणु क्षमता हासिल करने की कोशिश, आतंकवाद का समर्थन, बैलिस्टिक मिसाइल विकास और क्षेत्रीय अस्थिरता शामिल है। व्हाइट हाउस के अनुसार, ये सभी कारक अमेरिकी सुरक्षा, उनके सहयोगियों और अमेरिकी हितों के लिए खतरा हैं। बयान में आरोप लगाते हुए कहा गया, "ईरान पूरे मध्य पूर्व में प्रॉक्सी समूहों और मिलिशिया को समर्थन प्रदान करता है। इनमें वे संगठन भी शामिल हैं जो अमेरिकियों को हताहत करने और अमेरिकी सेना, क्षेत्रीय भागीदारों एवं सहयोगियों को सक्रिय रूप से निशाना बनाने में संलिप्त हैं।"

व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि ईरानी शासन द्वारा संसाधनों का कुप्रबंधन स्पष्ट है। वह अपने बुनियादी ढांचे और नागरिकों की भलाई के बजाय परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को प्राथमिकता देता है, जबकि वहां की जनता आर्थिक कठिनाई और अभाव का सामना कर रही है। ईरान अपने ही लोगों को बेरहमी से दबाता है, हजारों प्रदर्शनकारियों की हत्या करता है और बुनियादी मानवाधिकारों से इनकार करता है। ईरान की ये कार्रवाइयाँ अमेरिका के लिए एक निरंतर और असाधारण खतरा पेश करती हैं, जिसके लिए अमेरिकी नागरिकों, सहयोगियों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा हेतु तीव्र प्रतिक्रिया आवश्यक है।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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