BJP ज्वाइन करने आए थे TMC के नेता, चेहरे पर लगाया हरा गुलाल; फिर दिखा दिया बाहर का रास्ता: VIDEO देखें

लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
Follow us on Google News
share

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, हाल ही में बीजेपी (BJP) कार्यालय में कुछ टीएमसी (TMC) कार्यकर्ता पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे लेकिन उन्हें हरा गुलाल लगाकर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

BJP ज्वाइन करने आए थे TMC के नेता, चेहरे पर लगाया हरा गुलाल; फिर दिखा दिया बाहर का रास्ता: VIDEO देखें

पश्चिम बंगाल में हुए हालिया विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के बाद जहां राज्य की राजधानी कोलकाता से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक सियासी हलचल मची हुई है और TMC में उथल-पुथल मची हुई है। वहीं अब TMC में भगदड़ का सिलसिला जिला और ब्लॉक स्तर तक जा पहुंचा है। जिसे देखें वही तृणमूल छोड़कर भाजपा में शामिल हो रहा है। इसी तरह TMC कार्यकर्ताओं का पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें TMC छोड़कर आए कार्यकर्ताओं का भाजपा दफ्तर में रंग-गुलाल लगाकर स्वागत तो किया जाता है लेकिन थोड़ी ही देर बाद उन सभी को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि कुछ स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ता भाजपा में शामिल होने के लिए पार्टी कार्यालय पहुंचे थे, जहां हरे रंग का गुलाल लगाकर भाजपा के लोग उनका स्वागत कर रहे हैं। इसी दौरान गुलाल लगाने वाले शख्स ने टीएमसी से आए कार्यकर्ता से पूछना शुरू किया कि आप तो वही हैं न, जो विकास योजनाओं के लिए आम जनता से कट मनी यानी कमीशन लेते थे। वीडियो में भाजपा कार्यकर्ता उससे यह भी पूछता नजर आ रहा है कि आप वही आदमी हैं न जिसका वीडियो वायरल हुआ था?

भाजपा कार्यकर्ता क्यों बिफरा?

इसका जवाब जब हां मिलता है तो भाजपा कार्यकर्ता उस पर बिफर जाता है और कहने लगता है कि आपकी हिम्मत कैसे हुई, यहां आने की? आपको यहां किसने बुलाया? BJP कार्यकर्ता इतने पर भी नहीं रुकता है। उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है कि आपने किसके परमिशन से रोड टैक्स और दलाली आम लोगों से वसूली, ये बताओ? आप लोगों से क्यों कट मनी लेते थे। इसके बाद टीएमसी कार्यकर्ता के पूरे चेहरे पर हरा गुलाल लगा देता है और दरवाजा की ओर इशारा करते हुए उसे वहां से निकल जाने को कहता है।

तृणमूल में भगदड़ जारी

वीडियो में दिख रहा है कि इसके बाद टीएमसी से आया शख्स दरवाजा खोलता है और वहां से चला जाता है। उसके साथ आए एक और शख्स ने जब पूछा कि दादा क्या हम भी चले जाएं तो भाजपा कार्यकर्ता उस पर भी भड़क गया और उसे भी वहां से चलता कर दिया। बता दें कि पिछले महीने आए चुनावी नतीजों के बाद नेताओं द्वारा टीएमसी छोड़ने का सिलसिला जारी है। अभी तीन राज्यसभा सांसद इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं 80 में से 60 विधायक विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में अलग गुट बना चुके हैं, जबकि काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में 28 में से 20 सांसदों ने भी अलग गुट के रूप में दर्जा देने की स्पीकर से मांग की है। ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वालों में सायोनी घोष, सुष्मिता देव जैसी कई करीबी शामिल हैं।

इस खबर पर आपकी क्या राय है?

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

और पढ़ें