
'बाबरी मस्जिद' के बाद अब 'कुरान ख्वानी’ आयोजित करेंगे हुमायूं कबीर, मांस-चावल का देंगे भोज
TMC से सस्पेंडेड विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में पत्रकारों से कहा कि मैं फरवरी में एक लाख लोगों के साथ ‘कुरान ख्वानी’ का आयोजन करूंगा। इसके बाद, बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू होगा।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने रविवार को कहा कि वह फरवरी में एक लाख लोगों के साथ ‘कुरान ख्वानी’ (कुरान का पाठ करना) का आयोजन करेंगे। संतों व अध्यात्मिक गुरुओं के एक समूह ने बंगाल में पांच लाख लोगों के साथ भगवद गीता पाठ का आयोजन किया है। मुर्शिदाबाद जिले में शनिवार को अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक मस्जिद की नींव रखने वाले कबीर ने कहा कि वह सभी प्रतिभागियों को मांस और चावल का भोज देंगे।
उन्होंने मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में पत्रकारों से कहा, “मैं फरवरी में एक लाख लोगों के साथ ‘कुरान ख्वानी’ का आयोजन करूंगा।” कबीर ने कहा, “इसके बाद, बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू होगा।’’ विभिन्न मठों और हिंदू धार्मिक संस्थानों से आए संतों व आध्यात्मिक गुरुओं के एक समूह ‘सनातन संस्कृति संसद’ ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में ‘पांच लाख लोगों के साथ गीता पाठ’ कार्यक्रम का आयोजन किया है।
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। शनिवार को कबीर ने बाबरी मस्जिद की नींव रखी। राज्य पुलिस, त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बीच, कबीर ने मौलवियों के साथ, रेजिनगर में एक विशाल मंच पर औपचारिक फीता काटा, जबकि वास्तविक मस्जिद निर्माण स्थल आयोजन स्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर था। इस दौरान ‘‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर’’ के नारे लगे और हजारों लोग सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर उमड़ पड़े। वहां मौजूद लोगों में से कई प्रतीकात्मक रूप से अपने सिर पर ईंट लिए हुए थे।
यह कार्यक्रम छह दिसंबर को निर्धारित किया गया था, जिस दिन 1992 में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहा दी गई थी। इस आयोजन के तिथि चयन को लेकर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई। ना केवल रेजिनगर में, बल्कि निकटवर्ती बेलडांगा क्षेत्र में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी, जिसे प्रशासन ने भीड़ बढ़ने और तनाव बढ़ने की आशंका के मद्देनजर प्रभावी रूप से उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में तब्दील कर दिया था। कबीर को तृणमूल कांग्रेस ने “सांप्रदायिक राजनीति” में शामिल होने के आरोप में इस हफ्ते की शुरुआत में निलंबित कर दिया था। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं कुछ भी असंवैधानिक नहीं कर रहा हूं। उपासना स्थल बनाना एक संवैधानिक अधिकार है। बाबरी मस्जिद बनायी जाएगी।’’

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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