मुख्य सचिव समेत टॉप अधिकारियों को हटाने पर भड़की टीएमसी, राज्यसभा से कर दिया वॉकआउट

Mar 16, 2026 01:55 pm ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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राज्यसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान टीएमसी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया। उनका कहना है कि चुनाव के ऐलान के बाद दो शीर्ष अधिकारियों को पद से हटाना सरकार की मनमानी है और वह निष्पक्ष चुनाव नहीं होने देना चाहती है। 

मुख्य सचिव समेत टॉप अधिकारियों को हटाने पर भड़की टीएमसी, राज्यसभा से कर दिया वॉकआउट

राज्यसभा में सोमवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सदस्यों ने निर्वाचन आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के शीर्ष अधिकारियों को पद से हटाए जाने का विरोध करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। राज्यसभा में शून्यकाल शुरू होने पर तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि निर्वाचन आयोग ने देर रात पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और गृह सचिव को पद से हटा दिया।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी आयेाग के इस कदम का विरोध करती है और दिन भर के लिए सदन से बहिर्गमन कर रही है। इस पर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक निकाय है और उसके फैसले से सरकार का कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान में निर्वाचन आयोग को अधिकार दिया गया है और उसके फैसले को सदन में उठाने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दे उठाना सदन के समय का दुरुपयोग है।

मुख्य सचिव को हटाया गया

उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए लेकिन तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी संवैधानिक निकायों पर हमला करती रहती है। बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के महज कुछ ही घंटों बाद निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी सरकार के दो शीर्ष अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया था, जिनमें मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती भी शामिल हैं।

आयोग ने 1993 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी दुष्यंत नरियाला को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया और कहा कि नंदिनी चक्रवर्ती को चुनाव संबंधी कार्यों से दूर रखा जाएगा। आयोग ने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना को भी उनके पद से हटा दिया। आयोग ने रविवार रात राज्य सरकार को भेजे एक पत्र में 1997 बैच की आईएएस अधिकारी संघमित्रा घोष को गृह एवं पर्वतीय मामलों की प्रधान सचिव नियुक्त करने का निर्देश दिया।

आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा के हस्ताक्षर वाले पत्र के मुताबिक, "जिन अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, उन्हें चुनाव संपन्न होने तक किसी भी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।' आयोग ने कहा कि राज्य में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया। आयोग ने कहा निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में अनुपालन रिपोर्ट सोमवार अपराह्न तीन बजे तक भेजी जाए।

पश्चिम बंगाल में यह प्रशासनिक फेरबदल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा राज्य में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास को लेकर आयोग की लगातार आलोचना के मद्देनजर किया गया।

राज्य के राजनीतिक हलकों के कुछ वर्गों का मानना ​​है कि यह कदम चुनावों के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा और मतगणना चार मई को होगी।

Ankit Ojha

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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