TMC के 'पुष्पा' जहांगीर खान गिरफ्तार, STF ने नेपाल सीमा पर पकड़ा; किस मामले में हुआ ऐक्शन

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आईपीएस अजय पाल शर्मा से पंगा लेने वाले और फलता में हिंसा के आरोपी टीएमसी नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। बंगाल एसटीएफ ने उन्हें नेपाल बॉर्डर से अरेस्ट किया है। उन्हें कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिली थी।

TMC के 'पुष्पा' जहांगीर खान गिरफ्तार, STF ने नेपाल सीमा पर पकड़ा; किस मामले में हुआ ऐक्शन

पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान विवादों में बने रहने वाले 'पुष्पा' यानी जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। बंगाल पुलिस की स्पेशनल टास्क फोर्स (STF) ने यह ऐक्शन लिया है। जानकारी के मुताबिक उन्हें भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया है। बीते दिनों कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। फलता में हिंसा को लेकर उनपर ऐक्शन लिया गया है।

बता दें कि दक्षिण 24 परगना की फलता सीट से जहांगीर खान टीएमसी के उम्मीदवार थे। चुनाव के वक्त उनपर हिंसा और लोगों को धमकाने का आरोप लगा था। चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायत के बाद इस सीट पर दोबारा चुनाव हुआ और बीजेपी ने जबरदस्त जीत हासिल की। वहीं जहांगीर खान पहले ही हथियार डाल चुके थे। चुनाव में भी वह चौथे नंबर पर खिसक गए। उनपर फलता थाने में धमकी देने, जबरन वसूली, हिंसा, कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने समेत सात केस दर्ज हुए थे। वह चुनाव के बाद से ही फरार थे। वहीं एसटीएफ उनकी तलाश में जुटी थी।

जहांगीर खान की गिनती बाहुबलियों में होती थी। फलता क्षेत्र में दबदबे की वजह से उन्हें 'पुष्पा' कहा जाता था। जानकारी के मुताबिक जहांगीर खान की दहशत पूरे इलाके में थी। एसटीएफ को जानकारी मिली कि वह नेपाल के रास्ते देश से भागने की फिराक में है। इसके बाद पूरा जाल बिछाया गया और नेपाल सीमा के पास उन्हें पकड़ लिया गया। पुलिस का कहना है कि जहांगीर खान की गिरफ्तारी एक बड़ी कामयाबी है और उनसे पूछताछ करने पर राजनतिक हिंसा को लेकर कई जानकारियां पुलिस को मिल सकती हैं।

IPS अजय पाल शर्मा से हो गया था विवाद

फलता चुनावके दौरान जहांगीर खान का ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए अजय पाल शर्मा से विवाद हो गया था। जहांगीर खान ने कहा था कि अगर अजय पाल शर्मा खुद को सिंघम समझते हैं तो वह भी पुष्पा हैं और झुकने का कोई सवाल नहीं है। अजय पाल शर्मा ने भी उनपर शिकंजा कसने में कसर नहीं छोड़ी। माना जाता है कि खान अभिषेक बनर्जी के करीबी हैं। फलता की हार के बाद भी अभिषेक बनर्जी पर सवाल खड़े किए गए थे।

फलता में दोबारा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी प्रचार में उतर गए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि वह पुष्पा को हराने आए हैं। 21 मई को फलता सीट पर दोबारा मतदान करवाया गया। मतदान से दो दिन पहले ही जहांगीर खान ने चुनावी सरेंडर कर दिया और खुद को चुनाव से अलग कर लिया था।

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Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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