बगावत के अगले दिन ही TMC सांसद को आई ममता बनर्जी की याद, बोलीं- दीदी, I Miss You

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West Bengal Politics: ममता बनर्जी की करीबी और पार्टी की वरिष्ठ नेता शताब्दी रॉय ने खुलकर बगावत का साथ दिया है। राजनीतिक रूप से बागियों के साथ खड़े होने का ऐलान करते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा कि दीदी, मुझे आपकी बहुत याद आती है... भावनात्मक और नैतिक रूप से मैं गलत हूं।

बगावत के अगले दिन ही TMC सांसद को आई ममता बनर्जी की याद, बोलीं- दीदी, I Miss You

तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक विद्रोह की ज्वाला तेज होती जा रही है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद शताब्दी रॉय ने पहली बार खुलकर ममता बनर्जी की नीतियों पर सवाल उठाए हैं और बागी गुट का राजनीतिक समर्थन करते हुए भी भावनात्मक रूप से खुद को गलत महसूस करने की बात कही है। एनडीटीवी से बात करते हुए शताब्दी रॉय ने कहा कि मुझे लगता है कि राजनीतिक रूप से मैंने सही निर्णय लिया है, लेकिन भावनात्मक और नैतिक रूप से मैं गलत हूं। उन्होंने आगे कहा कि दीदी, मुझे आपकी बहुत याद आती है।

बता दें कि शताब्दी रॉय को ममता बनर्जी ने राजनीति में लेकर आई थीं। वर्तमान में बागी मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार की उप-प्रमुख हैं। लोकसभा में 20 बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर एनडीए को समर्थन देने की घोषणा की है, जिसका शताब्दी रॉय ने समर्थन किया है। उन्होंने साफ स्वीकार किया कि भ्रष्टाचार और पार्टी की जनता से दूरी ही असली समस्या है। शताब्दी ने कहा कि ममता बनर्जी इस समस्या को स्वीकार करने से इनकार कर रही हैं, जिसके कारण कई नेता पार्टी छोड़ रहे हैं।

उन्होंने चुनाव परिणामों पर हुई निर्णायक बैठक का जिक्र करते हुए बताया कि हार के कारण सबके सामने थे, लेकिन ममता बनर्जी ने हार मानने से इनकार कर दिया। शताब्दी के अनुसार, दीदी ने कहा कि हम भाजपा से नहीं हारे, वे मुझे धमका रहे हैं। कोई विरोध नहीं कर सका। इस दौरान शताब्दी रॉय ने कहा कि पहले यह तो बताइए कि हम हारे क्यों? यह आई-पैक की समस्या है, अभिषेक बनर्जी की समस्या है, भ्रष्टाचार की समस्या है। लेकिन दीदी इस पर ध्यान नहीं दे रही हैं। उस दिन मैंने फैसला कर लिया कि पार्टी कोई बदलाव नहीं चाहती।

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में विलय की संभावना जताई और कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई और विकल्प बचा है। अगर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो जाए तो बेहतर होगा। हालांकि उन्होंने इस दौरान ये भी कहा कि ममता बनर्जी किसी भी पार्टी में नंबर दो की भूमिका में नहीं रह सकतीं। अंत में भावुक होते हुए शताब्दी रॉय ने कहा कि मुझे ममता दीदी के लिए बुरा लग रहा है। मैं उनसे भावनात्मक रूप से बहुत जुड़ी हूं। यह मानना मुश्किल है कि मैं उनके साथ नहीं हूं। इस बार ममता बनर्जी की हालत बहुत खराब है।

बता दें कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के कुछ हफ्तों बाद तृणमूल कांग्रेस अब अपने ही सदस्यों के विद्रोह से जूझ रही है। विधानसभा में कम से कम 60 विधायकों ने ऋतब्रता बनर्जी का समर्थन किया है, जो खुद को ‘असली तृणमूल’ बता रहे हैं। लोकसभा में 20 सांसदों ने एनडीए का साथ देने का ऐलान किया है। दो दिन पहले सांसद सुखेन्दु शेखर राय ने इस्तीफा दे दिया था, जबकि बुधवार को सुष्मिता देव ने भी तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

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Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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