'हर वक्त गाली देता है...' कल्याण बनर्जी संसद से सस्पेंड, महिला सांसद ने लगाए गंभीर आरोप
बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के तुरंत बाद सदन के भीतर कल्याण बनर्जी और NCPI सांसदों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ से तीखी नोकझोंक होने लगी।

संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में उस वक्त भारी हंगामा हो गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। उन पर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।
सदन के भीतर अपनी ही पार्टी के पूर्व सहयोगियों और अब 'राष्ट्रवादी सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में शामिल महिला सांसदों के साथ हुई तीखी बहसबाजी के बाद बनर्जी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
सदन के भीतर क्या हुआ?
बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के तुरंत बाद सदन के भीतर कल्याण बनर्जी और NCPI सांसदों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों तरफ से तीखी नोकझोंक होने लगी।
इस विवाद में NCPI की महिला सांसद मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार शामिल थीं। ये सभी नेता पहले तृणमूल कांग्रेस में ही थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कल्याण बनर्जी ने महिला सांसदों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया।
हंगामा बढ़ता देख वहां मौजूद विपक्षी दलों के कुछ सांसदों ने बीच में आकर दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की, जिसके बाद कल्याण बनर्जी सदन से बाहर चले गए।
स्पीकर ओम बिरला से शिकायत के बाद बड़ा एक्शन
सदन में हुए इस वाकये के तुरंत बाद पीड़ित महिला सांसद मिताली बाग, काकोली घोष दस्तीदार और NCPI के अन्य नेता लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चेम्बर पहुंचे। सांसदों ने स्पीकर के सामने कल्याण बनर्जी के व्यवहार की मौखिक और लिखित शिकायत दर्ज कराई और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
दिन के दूसरे स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे सदन फिर से चालू हुआ। उस वक्त लोकसभा की अध्यक्षता कृष्ण प्रसाद टेनेटी कर रहे थे। उन्होंने स्पीकर के सामने बनर्जी के खिलाफ सदस्यों की दायर शिकायत का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों से सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है।
इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से बनर्जी को निलंबित करने के लिए सदन की सहमति मांगने वाला प्रस्ताव पढ़ने को कहा।
NEET पेपर लीक और दूसरे मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी के बीच ध्वनि मत से यह प्रस्ताव पारित हो गया। प्रस्ताव पारित होते ही टेनेटी ने बनर्जी को सदन परिसर छोड़ने को कहा।
'हमेशा गाली देता रहता है….'
सदन से बाहर निकलीं TMC की बागी सांसद काकोली घोष ने कल्याण बनर्जी को निलंबित करने के फैसले को एकदम सही बताया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, "यह जो कल्याण बनर्जी हैं यह महिलाओं पर अक्रमण करते हैं। हर वक्त गाली देता है। आज वह महिलाओं को गाली दे रहा था, इसलिए सत्र से निलंबित किया गया।"
बागी सांसदों की वजह से बढ़ा है तनाव
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के भीतर बड़ा विद्रोह हुआ था। करीब 20 टीएमसी सांसदों ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर बागी रुख अपनाया और 'नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) का दामन थाम लिया था।
तभी से ये बागी सांसद लोकसभा में टीएमसी सांसदों से अलग बैठते हैं। दूसरी तरफ, श्रीरामपुर से सांसद कल्याण बनर्जी पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के बेहद वफादार माने जाते हैं। बागी सांसदों और टीएमसी के वफादार नेताओं के बीच लंबे समय से चला आ रहा यह राजनीतिक तनाव अब संसद की चौखट तक पहुंच गया है, जिसका नतीजा कल्याण बनर्जी के निलंबन के रूप में सामने आई है।


