
मेरे साथ हो सकता है, तो... साइबर फ्रॉड में लाखों रुपए गंवाने पर भड़के TMC सांसद
पश्चिम बंगाल की सेरामपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले बनर्जी ने कहा कि उनका भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में एक खाता है, जिसका उन्होंने लंबे समय से उपयोग नहीं किया है। उसी खाते में से यह पूरा फर्जी लेनदेन हुआ था।
ऑनलाइन फ्रॉड में करीब 57 लाख रुपए गंवाने वाले तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी इन दिनों चर्चा में हैं। शनिवार को उन्होंने देश में बढ़ती साइबर फ्रॉड की घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अगर एक सांसद के साथ ऐसी घटना हो सकती है, तो आम नागरिक की सुरक्षा की बात हम कैसे कह सकते हैं। गौरतलब है कि लोकसभा सांसद के एक पुराने बैंक खाते में से साइबर अपराधियों ने जाली दस्तावेज का उपयोग करके करीब 57 लाख रुपए निकाल लिए हैं।

एनडीटीवी से बात करते हुए कल्याण बनर्जी ने अपने साथ हुए इस अपराध पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "अगर मेरे जैसा व्यक्ति बैंक धोखाधड़ी के जाल में फंस गया, तो आम लोगों को क्या झेलना पड़ेगा? वित्त मंत्रालय एक साइबर धोखाधड़ी-रोधी इकाई क्यों नहीं बना रहा है?"
पश्चिम बंगाल की सेरामपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले बनर्जी ने कहा कि उनका भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में एक खाता है, जिसका उन्होंने लंबे समय से उपयोग नहीं किया है। उन्होंने कहा, "किसी ने केवाईसी का इस्तेमाल करके घोटाला किया। मेरी तस्वीर लगाई गई। पैन और आधार का गलत इस्तेमाल किया गया। फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके, मेरे खाते से लगभग 57 लाख रुपये निकाल लिए गए।"
टीएमसी नेता ने आगे कहा कि जब मुझे इस संदिग्ध लेनदेन का जानकारी मिली तो मैंने तुरंत ही बैंक संपर्क किया। इसके बाद जब साइबर अपराध का मामला सामने आया तो फिर कोलकाता पुलिस के साइबर अपराध विभाग में अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। बनर्जी ने कहा, "बैंक ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई है। इसके बाद मामले की जांच शुरू हो गई है। हालांकि, बैंक ने इस पूरे घटनाक्रम को आंतरिक गड़बड़ी बताते खाते में 57 लाख रुपए जमा करा दिए हैं।"
आपको बता दें, साइबर अपराधियों ने बनर्जी के खाते की केवाईसी जानकारी अपडेट करने के लिए फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल किया। इसमें एक असल फोटो का भी इस्तेमाल किया था। ऑनलाइन केवाईसी होने के बाद आरोपियों ने 28 अक्तूबर 2025 को बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर भी बदल दिया, जिसके बाद उनकी खाते तक पूरी पहुंच हो गई। इसके बाद आरोपियों ने खाते से लाखों रुपए का लेन-देन कर लिया।





