फलता से TMC प्रत्याशी जहांगीर ने छोड़ा मैदान, मतदान से दो दिन पहले वापस लिया नाम

Upendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर मतदान से दो दिन पहले तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर ने अपना नाम वापस ले लिया है। जहांगीर खान ने ऐलान किया है कि वह आगे से कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगे।

फलता से TMC प्रत्याशी जहांगीर ने छोड़ा मैदान, मतदान से दो दिन पहले वापस लिया नाम

पश्चिम बंगाल विधानसभा की फलता सीट पर होने वाले पुनर्मतदान से पहले एक बड़ा बदलाव हुआ है। तृणमूल कांग्रेस से उम्मीदवार जहांगीर खान ने मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया है। बाहुबली नेता ने मंगलवार को कहा कि वह अब आगे कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। बता दें, खान को टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता है।

अभिषेक बनर्जी की डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली फलता विधानसभा सीट पर चुनावी धांधली के आरोप लगने के बाद आयोग ने यहां पर पुनः मतदान का ऐलान किया था। 21 मई को होने वाली वोटिंग से पहले वहां चुनावी अभियान जारी है, लेकिन इस प्रचार अभियान में किसी भी बड़े टीएमसी नेता की उपस्थिति नहीं देखी जा रही है। अभिषेक बनर्जी भी प्रचार के लिए नजर नहीं आए।

भाजपा के लिए प्रचार कर रहे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने भी इस स्थिति को लेकर टीएमसी पर तंज कसते हुए पूछा था कि अभिषेक बनर्जी कहा है। इसी तर्ज पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी जहांगीर खान पर निशाना साधते हुए कहा था कि पुष्पा कहां है। इसके अलावा टीएमसी नेताओं द्वारा चुनाव प्रचार न करने को लेकर भाजपा नेता दिलीप घोष से पूछा गया, तो उन्होंने इसका तीखा जबाव दिया। उन्होंने कहा, “पिछले चुनावों में भी तृणमूल के नेताओं ने यहां कभी प्रचार नहीं किया। उन्होंने केवल फलता के लोगों के मतदान के अधिकारों को दबाया है। अब परिणाम सभी को पता है। गुंडे भाग रहे हैं।”

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान जहांगीर खान आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के साथ संघर्ष के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। उत्तर प्रदेश में सिंघम के नाम से मशहूर आईपीएस को जहांगीर ने खुले आम चुनौती देते हुए खुद को 'पुष्पा' कहा था। दरअसल, बंगाल चुनाव के दौरान मतदाताओं ने जहांगीर के ऊपर डराने धमकाने का आरोप लगाया था। इसके बाद आईपीएस अधिकारी शर्मा ने जहांगीर के घर जाकर चेतावनी दी थी।

जहांगीर खान फलता विधानसभा क्षेत्र से मैदान छोड़ने की यह खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब कुछ समय पहले ही उन्हें कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतिरम सुरक्षा मिली है। चुनाव अभियान के दौरान दर्ज की गई एफआईआर को लेकर हाई कोर्ट ने कहा कि जहांगीर खान को पुनर्मतदान की पूरी प्रक्रिया संपन्न होने से पहले गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।

बता दें, पश्चिम बंगाल विधानसभा की 293 विधानसभा सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित हो चुके हैं। लेकिन व्यापक धांधली और वोटरों को डराने-धमकाने की खबरों के बीच चुनाव आयोग ने इस सीट पर पुनर्मतदान 21 मई को कराने का फैसला लिया था। फिलहाल इस सीट पर चुनाव प्रचार हो रहा है।

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लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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