तिरुपति लड्डू विवादः मिलावटी घी पर सरकार ने बना दी नई समिति, SIT रिपोर्ट की होगी समीक्षा

Feb 21, 2026 10:38 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल होने वाले मिलावटी घी के मामले में एसआईटी की जांच रिपोर्ट की समीक्षा करने के लिए एक समिति बना दी है। आईएएस दिनेश कुमार इस समिति के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। 

तिरुपति लड्डू विवादः मिलावटी घी पर सरकार ने बना दी नई समिति, SIT रिपोर्ट की होगी समीक्षा

आंध्र प्रदेश सरकार ने तिरुपति लड्डू को बनाने में इस्तेमाल घी में कथित मिलावट की जांच करने के लिए गठित सीबीआई की अगुआई वाली एसआईटी द्वारा तैयार रिपोर्ट की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दिनेश कुमार के नेतृत्व में एक सदस्यीय समिति गठित की जो दोषी लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की सिफारिश करेगी।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) नीत विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने के बाद इस एक समिति का गठन किया गया है। एसआईटी ने 23 जनवरी को अदालत में अंतिम आरोप पत्र प्रस्तुत किया, साथ ही सारांश रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जिसमें लड्डू में घी के मुद्दे पर दोषी समिति सदस्यों और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की गई थी।

मुख्य सचिव के. विजयानंद ने एक सरकारी आदेश में कहा, ‘दिनेश कुमार को सारांश रिपोर्ट की समीक्षा करने और घी निविदा शर्तों में छूट और प्रवर्तन में चूक, कमियों और विफलताओं के लिए दोषी टीटीडी के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश करने के लिए एक सदस्यीय समिति के रूप में नियुक्त किया गया है।’

विजयानंद ने कहा, ‘समिति इस आदेश के जारी होने की तारीख से 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।’ उन्होंने कहा कि यह सरकारी आदेश किसी भी अदालत के समक्ष लंबित कार्यवाही पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सितंबर 2024 में दावा किया था कि राज्य में वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार के दौरान तिरुपति लड्डू (पवित्र प्रसाद ) तैयार करने में पशु वसा का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

वेंकटेश्वर स्वामी की तस्वीर पर विधान परिषद में हंगामा

आंध्र प्रदेश विधान परिषद के सभापति कोय्ये मोशन राजू ने शुक्रवार को सदन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया। वाईएसआरसीपी सदस्यों द्वारा कथित तौर पर श्री वेंकटेश्वर स्वामी की तस्वीरें प्रदर्शित किये जाने को लेकर विपक्षी सदस्यों और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद सभापति को कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगति करनी पड़ी।

कुम्बा रवि बाबू, डी. माधव राव और एस. मंगम्मा की ओर से तिरुपति लड्डू प्रसादम और इंदापुर डेयरी के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने के अनुरोध को सभापति द्वारा खारिज किए जाने के बाद हंगामा शुरू हुआ।

यह इंदापुर डेयरी कथित रूप से मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के परिवार के स्वामित्व वाली कंपनी 'हेरिटेज फूड्स' से जुड़ी बताई गई है, जो तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को घी की आपूर्ति करती है। विपक्षी विधायकों के विरोध प्रदर्शन के बीच राजू ने कहा, "अनुरोध को खारिज किये जाने के बाद चर्चा की मांग करना उचित नहीं है।"

इस बीच, राज्य के वित्त मंत्री पी. केशव ने देवता की प्रतिमाओं के कथित प्रदर्शन को आपत्तिजनक बताया और कहा कि इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। केशव ने पूछा, “सभापति महोदय, वेंकटेश्वर स्वामी की तस्वीरों के साथ वे जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, क्या उनमें कोई गरिमा बची है? क्या वे (भगवान को) राजनीति में घसीटेंगे?” इस कदम को भड़काऊ बताते हुए उन्होंने राजू से जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया और कहा, "ऐसा देश के इतिहास में कभी नहीं हुआ। ये (वाईएसआरसीपी के एमएलसी) न तो भगवान में आस्था रखते हैं, न भगवान का सम्मान करते हैं, न ही भगवान से डरते हैं। ये बस अपने नेता (जगन) के इशारों पर चल रहे हैं।"

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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