सोनम वांगचुक के अलावा 22 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं ये तीन स्टूडेंट, कैसी है उनकी हालत
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के साथ ही तीन स्टूडेंट भी अनशन पर बैठे थे। वे 22 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे हैं। इन छात्रों का भी वजन तेजी से घटा है और डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। ये तीनों ही पीएचडी स्कॉलर हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 22 दिनों से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक धरना स्थल पर ही 19 दिनों तक अनशन कर रहे थे लेकिन उन्हें शनिवार को दिल्ली पुलिस ने जबरन उठा लिया और अस्पताल में भर्ती करा दिया। हालांकि उनके साथ ही अनशन पर बैठे तीन स्टूडेंट अब भी भूख हड़ताल कर रहे हैं और अपने इरादों पर डटे हुए हैं। आज यानी 20 जुलाई को सीजेपी ने संसद कूच का ऐलान किया है। एक दिन पहले से ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया है। वहीं नई दिल्ली जिले में बीएनएनसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है।
कौन हैं अनशन करने वाले तीन स्टूडेंट
जंतर-मंतर पर पिछले तीन सप्ताह से भी ज्यादा वक्त से अनशन कर रहे छात्रों के नाम, नेहा, अमीन और मनीष कुमार है। ये सभी छात्र संगठन (AISA) के सदस्य हैं। सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद भी उन्होंने अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया। नेहा, AISA की प्रेसिडेंट हैं और जेएनयू में पीएचडी स्कॉलर हैं। उन्होंने जब अनशन शुरू किया था तो उनका वजन 66 किलो था जो कि अब 7.5 किलो घट गया है।
अमितोज डॉ. बीआर आंबे़डकर यूनिवर्सिटी दिल्ली से अर्बन स्टडीज में पीएचडी कर रहे हैं। 2020 में किसान आंदोलन में भी वह शरीक हुआ थे। उनका वजन 22 दिनों में 9.3 किलो कम हुआ है। AISA उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पीएचडी स्कॉलर मनीष कुमार भी अनशन कर रहे हैं। उनका वजन 10.4 किलो कम हआ है । डॉक्टर इन तीनों छात्रों की निगरानी कर रहे हैं। रविवार को नेहा के अनशन का 22वां दिन था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने वांगचुक को ले जाने के बाद उन तीनों को भी हटाने की कोशिश की थी।
नेहा ने कहा, यह सरकार एकदम अंधी हो चुकी है। हम लोग 21 दिनों से ज्यादा से भूख हड़ताल पर हैं। सरकार हमारे अनशन को किसी तरह तोड़वाने की कोशिश कर रही है। इसलिए मेरी अपील है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग जंतर-मंतर पर आएं। यह आंदोलन तब तक खत्म नहीं होने वाला है जब तक कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं।
अभिजीत दीपके की भूख हड़ताल का तीसरा दिन
शनिवार को सोनम वांगचुक को अस्पताल में शिफ्ट किए जाने के बाद सीजेपी चीफ अभिजीत दीपके ने भूख ह़ड़ताल शुरू की और यह उनका तीसरा दिन है। उनका आरोप है कि धरना स्थल पर बिजली की सप्लाई भी काट दी गई है। ऐसे में छात्रों को इस उमस में बिना पंखे के रहना पड़ रहा है। दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में लोगों को रात में जागकर पहरेदारी करने होगी। सीजेपी की प्रवक्ता विजेता दहिया ने कहा, जो कुछ वांगचुक के साथ हुआ, वही दीपके के साथ भी हो सकता है। इसके अलावा अनशन कर रहे स्टूडेंट्स को भी अस्पताल ले जाया जा सकता है।


