नितिन नवीन की वजह से बिहार को मिली बीजेपी संगठन में खास जगह? तीन में दो को पहली बार मौका

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बीजेपी की 65 सदस्यीय राष्ट्रीय कमेटी में इस बार बिहार से तीन नेताओं को जगह दी गई है। माना जा रहा है कि नितिन नवीन बिहार से हैं और इसलिए बिहार के नेताओं को तवज्जो मिली। इसमें शिवेश शहाबाद, सिद्धार्थ शंभू और ऋतुराज का नाम शामिल है।

BJP leaders Siddharth Shambhu, Shivesh Ram, and Rituraj Sinha
बीजेपी नेता सिद्धार्थ शंभु, श‍िवेश राम,और ऋतुराज स‍िन्‍हा

भाजपा की 65 सदस्यीय राष्ट्रीय कमेटी में बिहार से तीन नेताओं को जगह मिली है। ऐसा पहली बार हुआ है जब एक साथ बिहार इकाई से तीन नेताओं को जगह दी गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बिहार से होने के कारण इस बार इस राज्य को राष्ट्रीय कमेटी में विशेष तवज्जो मिली है। इसके पहले पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की कमेटी में राधामोहन सिंह और ऋतुराज सिन्हा एक साथ पदाधिकारी रह चुके हैं। एक समय पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और बिहार भाजपा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले कैलाशपति मिश्रा भी राष्ट्रीय कमेटी में एक साथ काम कर चुके हैं। सिद्धार्थ शंभू के बहाने वैश्य तो शिवेश को आगे कर एससी को साधने की रणनीति, विधान पार्षद संजय मयूख की राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी पद से छुट्टी हुई है।

सोमवार को पार्टी की ओर से घोषित राष्ट्रीय कमेटी में बिहार से जिन नेताओं को जगह मिली है उसमें सिद्धार्थ शंभू, शिवेश कुमार राम और ऋतुराज सिन्हा शामिल हैं। तीनों ही नेता युवा हैं। खासतौर से सिद्धार्थ शंभू और शिवेश राम को पहली बार राष्ट्रीय कमेटी में जगह दी गई है। ऋतुराज सिन्हा पहले से ही राष्ट्रीय मंत्री के बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमेटी का हिस्सा थे। वहीं, बिहार विधान परिषद के सदस्य संजय मयूख की राष्ट्रीय सह मीडिया प्रभारी से छुट्टी कर दी गई है। बिहार के जिन तीन नेताओं को राष्ट्रीय कमेटी में शामिल किया गया है, उनके माध्यम से पार्टी ने अपने कोर वोटरों का ख्याल रखा है।

प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं सिद्धार्थ शंभू

16 राष्ट्रीय मंत्री में से बिहार से एक नेता सिद्धार्थ शंभू को शामिल किया गया है। सिद्धार्थ शंभू बिहार भाजपा के प्रदेश मंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं। लगातार तीन प्रदेश अध्यक्ष के साथ इनको काम करने का अनुभव प्राप्त है। मोतिहारी से आने वाले सिद्धार्थ वैश्य समुदाय से आते हैं। राष्ट्रीय कमेटी में शामिल कर पार्टी ने सिद्धार्थ का कद बढ़ा दिया है। साथ ही कोर वोटर माने जाने वाले वैश्य समुदाय का ख्याल रखते हुए पार्टी ने इस समुदाय को साधने की भी कोशिश की है।

इसी साल सांसद बने शिवेश को बड़ा जिम्मा

राज्यसभा सांसद शिवेश कुमार राम को एससी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ 58 वर्षीय शिवेश राम इसी साल राज्यसभा सांसद बने हैं। शिवेश एक बार विधायक रह चुके हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुनीलाल के बेटे शिवेश राम बिहार भाजपा में महामंत्री व उपाध्यक्ष पद पर काम कर चुके हैं।

शिवेश शाहाबाद तो ऋतुराज पटना से

शिवेश शाहाबाद के सासाराम, सिद्धार्थ मोतिहारी तो ऋतुराज पटना से हैं। इस तरह पार्टी ने उत्तर व दक्षिण बिहार के साथ ही राजधानी पटना (मगध क्षेत्र) का भी ख्याल रखा है। बिहार भाजपा के प्रभारी तथा महाराष्ट्र से सांसद विनोद तावड़े को एक बार फिर राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। वैसे, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और रेणु देवी, पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, सुखदा पांडेय, किरण घई सिन्हा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर काम कर चुके हैं।

2021 से राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं सिन्हा

पिछली कमेटी में राष्ट्रीय मंत्री रहे 46 वर्षीय युवा नेता ऋतुराज सिन्हा को प्रकोष्ठ संकुल सह संयोजक बनाया गया है। कायस्थ समुदाय से आने वाले ऋतुराज सिन्हा वर्ष 2021 में पहली बार राष्ट्रीय मंत्री बने। वर्ष 2023 में ऋतुराज सिन्हा को दूसरी बार राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया। इस बार पार्टी ने प्रकोष्ठों के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेवारी दी है, जिनका गठन होना अभी बाकी है।

Ankit Ojha

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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