इन गद्दारों को जूते मारो, TMC में बगावत पर लाल-पीले हुए शिवसेना सांसद

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TMC Crisis: सांसद संजय राउत ने मंगलवार को टीएमसी के गहराते आंतरिक संकट के बीच बागी नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने विद्रोही सांसदों को देशद्रोही और गद्दार करार देते हुए सुझाव दिया कि उन्हें सड़क पर जूतों से पीटा जाना चाहिए।

इन गद्दारों को जूते मारो, TMC में बगावत पर लाल-पीले हुए शिवसेना सांसद

ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में जारी सियासी संकट के बीच शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है। माना जा रहा है कि उनके बयान से सियासी गलियारों में भूचाल आ जाएगा। टीएमसी के बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए राउत ने उन्हें 'देशद्रोही' और 'गद्दार' करार दिया और कहा कि ऐसे लोगों को सड़क पर ही जूतों से पीटा जाना चाहिए। दरअसल, राउत ने टीएमसी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद द्वारा बागी गुट पर हमला करते हुए जारी किए गए एक वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दोबारा शेयर किया। इसके बाद अपने पोस्ट में संजय राउत ने लिखा कि कीर्ति आजाद.. ऐसे गद्दारों को सड़क पर ही जूतों से पीटना चाहिए। पूरे देश में आंदोलन शुरू किया जाना चाहिए!

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में टीएमसी के करीब 20 लोकसभा सांसदों के एक बड़े समूह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर औपचारिक रूप से सूचित किया है कि वे भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के साथ हाथ मिला रहे हैं और टीएमसी संसदीय दल से अपना संबंध पूरी तरह तोड़ रहे हैं। यह कदम हाल के वर्षों में टीएमसी के अंदर सबसे बड़ा विद्रोह माना जा रहा है। विद्रोह की जड़ें पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की मिली करारी हार तक जाती हैं। चुनावी हार के बाद पार्टी के विधायी और संसदीय दोनों ही विंग में असंतोष खुलकर सामने आया है। सांसदों और विधायकों का एक बड़ा वर्ग अब ममता बनर्जी और उनके खेमे के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल चुका है।

क्या बोले थे कीर्ति आजाद?

संजय राउत द्वारा शेयर किए गए वीडियो में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने बागी नेताओं पर जमकर हमला बोला है। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आजाद ने कहा कि हमारे 29 नेता 'मां, माटी और मानुष' के नाम पर चुनाव लड़े, जीते और सांसद बने। मैं इन गद्दारों से जानना चाहती हूं कि आपने अपनी शिकायतें और कठिनाइयां चुनाव के बाद क्यों उठाईं? चुनाव से पहले क्यों नहीं बताया? अगर इतनी दिक्कतें थीं तो चुनाव से पहले क्यों नहीं बोले? कीर्ति आजाद ने आगे बागी सांसदों और विधायकों से इस्तीफा देने की मांग की और कहा कि उन्हें भाजपा के टिकट पर नए सिरे से जनादेश मांगना चाहिए। उन्होंने पूर्व टीएमसी राज्यसभा सांसद सुखेन्दु शेखर रॉय की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी की आलोचना करने से पहले इस्तीफा दे दिया, जो एक सही और नैतिक कदम था।

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Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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