'Rx' लिखने वाले आरडीएक्स लेकर घूम रहे, राजनाथ सिंह ने किसे बताया देश के लिए खतरे की घंटी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब पढ़े लिखे लोग समाज और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं तो यह बेहद चिंता का विषय है। दिल्ली धमाके का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल देश के लिए खतरे की घंटी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश में पढ़े लिखे लोगों के रास्ता भटकने और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर गहरी चिंता जताई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त लोग भी समाज विरोधी और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं जो कि बड़ा संकट बन सकता है। 10 नवंबर को लालकिला के पास हुए बम धमाके का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस हमले में शामिल लोग डॉक्टर थे। उदयपुर में भूपाल नोबल्स यूनिवर्सिटी के 104वें स्थापना दिवस के मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा कि वाइट कॉर टेररिजम देश के लिए खतरे की घंटी है।
उन्होंने कहा, जिन लोगों को अपने पर्चे में 'Rx' लिखना चाहिए वे आरडीएक्स लेकर घूम रहे हैं। ऐसे में हमें नैतिकता और चरित्र निर्माण पर ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षा का मतलब केवल प्रोफेशनल फील्ड में सफलता नहीं होनी चाहिए बल्कि नैतिक और मानवीय चरित्र के स्तर पर भी मजबूत करना होना चाहिए। बता दें कि लालकिला विस्फोट के मामले में जांच के बाद पता चला कि यह आतंक का वाइट कॉलर मॉड्यूल है। डॉ. उमर-उन-नबी ने आरडीएक्स से लदी कार में विस्फोट किया था। वहीं बाद में मुजम्मिल गनाई, अदील राथेर और शाहीना शईद को भी गिरफ्तार किया गया जो कि डॉक्टरी के पेशे से जुड़े हुए हैं।
सिंह ने कहा कि ज्ञान स्पर्धा को बढ़ाता है औऱ इससे समृद्धि बढ़ती है। समृद्धि से ही धर्मका विकास होता है और फिर समाज खुशहाल होता है। अगर कोई भी एजुकेशन सिस्टम इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पा रहा है और धर्म के असली मतलब को नहीं समझा पा रहा है तो यह शिक्षा किसी काम की नहीं है, बल्कि समाज के लिए खतरनाक है।
धर्म को लेकर क्या बोले राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री ने कहा कि जब हम धर्म की बात करते हैं तो यह कोई मंदिर, मस्जिद या किसी अन्य पूजा स्थल तक सीमित नहीं है। यह कर्तव्यों के प्रति सजगता का नाम है। नैतिकता औऱ धार्मिकता से दूर ले जाने वाली शिक्षा समाज के लिए उपयोगी नहीं बल्कि विनाशक हो सकती है। इसीलिए कई बार पढ़े लिखे लोग अपराधों में शामिल होते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा, जरूरी नहीं है कि आतंकी निरक्षर ही हों। उनके पास यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की डिग्री भी हो सकती है और इसके बाद वे आतंकी बन जाते है। इसीलिए बुद्धिमत्ता और सही सोच की जरूरत है।
स्वदेशी हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर बन रहा भारत
रक्षा मंत्री ने कहा कि देश में स्वदेशी हथियारों की दिशा में बड़ा का महो रहा है। कई डिफेंस स्टार्टअप्स अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे यकीन है कि अगले 15 से 20 सालों में भारत हथियारों के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से भी भारत के विकास को गति मिल रही है।

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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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