सरकार बनी तो राजस्थान का पानी बंद कर देंगे, इस पार्टी का ऐलान; क्या वजह बताई
शिअद ने कहा कि कैसे आम आदमी पार्टी ने राज्य को इस हद तक खोखला कर दिया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान नाम के पद पर रह गए हैं और पूरा मुख्यमंत्री कार्यालय अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार के नियंत्रण में है।

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को कहा कि पंजाब में अकाली दल की सरकार बनने पर पंजाब के पानी को राजस्थान को जाने से रोक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेतों की सिचांई के लिए राजस्थान फीडर नहर में बहने वाले पानी को मोड़ देंगे। अमरकोट की अनाज मंडी में पार्टी के 'पंजाब बचाओ-सरदार सुखबीर सिंह बादल लाओ' अभियान के तहत एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा, 'हम कांग्रेस पार्टी द्वारा राज्य के साथ किए गए भेदभाव को खत्म कर देंगे, जिन्होंने नदी के आधे पानी को राजस्थान में दे दिया, जोकि रिपेरियन सिद्धांत का उल्लंघन है, जिसके अनुसार नदी का पानी पर उसी राज्य का हक होता है जिसमें वह बहती है।'
बादल ने यह भी स्पष्ट किया कि अकाली दल, मुख्यमंत्री भगवंत मान को एसवाईएल नहर के माध्यम से हरियाणा को पानी देने की अनुमति देकर राज्य के हितों से समझौता करने की अनुमति नहीं देगा, क्योंकि केंद्र के पास आस्ट्रेलिया में उनकी (मान) 2500 एकड़ जमीन खरीद की सूची वाली फाइल मौजूद है। उन्होंने कहा, 'यही कारण है कि भगवंत मान ने अब इस मुद्दे पर अपना रूख नरम कर लिया है और सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वे पंजाब के पानी को हरियाणा को सौंपने के तरीकों और साधनों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।'
माफिया के खिलाफ ऐक्शन का वादा
पार्टी के खेमकरण हलका इंचार्ज विरसा सिंह वल्टोहा के साथ बादल ने घोषणा की कि 2027 में अकाली दल की सरकार बनने के बाद वह गैंगस्टर संस्कृति और ड्रग माफिया को जड़ से खत्म कर देगी। उन्होंने कहा, "हम ऐसे तत्वों की संपत्तियों की नीलामी करने के अलावा दस साल की जमानत देने से इनकार करने के लिए कानूनों में बदलाव करेंगें।"
नीलामी रद्द कर देंगे, शिअद ने कहा
उन्होंने आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली स्थित कंपनियों को कीमती अचल संपत्ति सौंपने के प्रयास से लोगों को सावधान रहने की अपील करते हुए कहा, "इससे पहले शिरोमणि अकाली दल ने सरकार को लुधियाना में 34 हजार एकड़ जमीन निजी कंपनियों को मामूली कीमत पर देने से रोक दिया था। अब सरकार ने मोहाली में चुनिंदा कंपनियों को आधी कीमत पर अचल संपत्ति सौंपने का फैसला किया है। अकाली दल इस तरह की सभी नीलामियों को रदद करने के लिए वचनबद्ध है और उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा जो इन संदिग्ध सौदों में शामिल होते हैं।"
बादल ने कहा, "अगर हमें पंजाब बचाना है तो हमें अकाली दल को सत्ता में वापिस लाना होगा। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि अपने पिता सरदार प्रकाश सिंह बादल की तरह मैं पंजाब को तेजी से आगे लेकर जाउंगा।"
आम आदमी पार्टी को घेरा
उन्होंने कहा कि कैसे आम आदमी पार्टी ने राज्य को इस हद तक खोखला कर दिया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान नाम के पद पर रह गए हैं और पूरा मुख्यमंत्री कार्यालय अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक विभव कुमार के नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा नामांकन के लिए 75 करोड़ रूपये देने पड़े और लवली यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक मित्तल ने नामांकन के लिए 50 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा।
बादल ने कहा कि अगली अकाली दल की सरकार बनने के एक सप्ताह के भीतर ही जिन किसानों के पास ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं है, उन्हें कनेक्शन दिए जाएंगे। उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए नदियों पर पक्के बांध बनाने की घोषणा की, अब तक जिन लोगों को जमीन के अधिकार से वंचित रखा गया उन्हें जमीन अधिकार देने का आश्वासन दिया और जमीन के संयुक्त स्वामित्व के मुफ्त विभाजन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "हम सरदार प्रकाश सिंह बादल द्वारा शुरू की गयी सभी सामाजिक भलाई योजनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ कमजोर वर्गों के लिए और भी नई योजनाओं के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
फिर शुरू होगी आटा दाल योजना, पेंशन बढ़ाने का वादा
उन्होंने कहा कि आटा-दाल योजना को फिर से शुरू किया जाएगा, जिसमें आटा चार रुपये किलो और दाल 20 रुपये प्रति किलो दी जाएगी। उन्होंने कहा, ''गरीब वर्गों को एक लाख रुपये विवाह सहायता दी जाएगी और बुढ़ापा पेंशन 3100 रुपये प्रति माह कर दिया जाएगा।''
उन्होंने यह भी घोषणा की कि गांवों में 'लाल डोरा' के अंतर्गत आने वाली सभी जमीनों को उनके मालिकों के नाम पर पंजीकृत किया जाएगा और सभी कच्चे मकानों का आधुनिक तरीके से पुननिर्माण किया जाएगा। साथ ही सभी ग्रामीण सड़कों को कंक्रीट से पक्का किया जाएगा।
युवाओं को नौकरी
बादल ने कहा कि नौजवानों के लिए नए रोजगार और अवसर खोले जाएंगे और सभी नये उद्योगों को 75 फीसदी पंजाबी नौजवानों को ही नौकरी पर रखना होगा। उन्होने कहा कि सभी सरकारी नौकरियां केवल पंजाबियों के लिए ही उपलब्ध होगीं। उन्होंने नौजवानों को 10 लाख रुपये का ब्याज मुक्त कर्जा उपलब्ध कराने की घोषणा की, जिसे वे 10 साल की अवधि के भीतर वापिस कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अगली अकाली दल सरकार , सरकारी और निजी इंजीनियरिंग और मेडिकल काॅलेजों में मेधावी स्कूलों के छात्रों के लिए 50 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि थीन बांध को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा और कारोबारियों को एकमुश्त टैक्स वसूली योजना राहत योजना को दोबारा शुरू किया जाएगा।
उन्होंने मोटरसाइकिलों को सड़क टैक्स से छूट देने की भी घोषणा की और विश्व कबड्डी कप को फिर से शुरू किया जाएगा और एक नए कुश्ती कप की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा, ''पशु मेलों को प्रोत्साहित किया जाएगा और मारवाड़ी घोड़ों के लिए एक रेस कोर्स का निर्माण किया जाएगा और साथ ही कबूतरबाजी खेल को भी बढ़ावा दिया जाएगा।''
इस अवसर पर बिक्रम सिंह मजीठिया, विरसा सिंह वल्टोहा, गौरव सिंह वल्टोहा, प्रिंसिपल सुखविंदर कौर रंधावा और सरबजीत सिंह झिंझर,तरनतारन जिला प्रधान अलविंदर पाल सिंह पखोके ने भी संबोधित किया।
लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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