
एटा बंगाल, एटा यूपी ना… ममता बनर्जी ने भरी हुंकार, भाजपा को सीधी चेतावनी
ममता बनर्जी ने भाजपा पर राज्य में सांप्रदायिक विभाजन की संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भाजपा पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा कि गीता पढ़ने के लिए सार्वजनिक सभा आयोजित करने की क्या आवश्यकता है?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को भाजपा पर जोरदार निशाना साधा है। हाल ही में कोलकाता में आयोजित गीता पाठ कार्यक्रम में दो विक्रेताओं पर हुए हमले को लेकर भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य में इस तरह की धमकियों और धार्मिक विभाजन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा कि किसी को यह तय करने की इजाजत नहीं दी जाएगी कि लोगों को क्या खाना चाहिए।
नदिया जिले के कृष्णानगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्ला भाषा में कहा, ‘‘एटा बंगाल, एटा यूपी ना…(यह पश्चिम बंगाल है, उत्तर प्रदेश नहीं), यहां आपकी हुकूमत नहीं चलेगी।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ''उन्होंने गरीब 'पैटी' बेचने वालों को पीटा। हमने कल रात सभी को गिरफ्तार कर लिया। हर जमावड़े में कुछ न कुछ बेचने वाले फेरीवाले होते हैं। तुमने एक गरीब फेरीवाले को पीटा है। गरीबों को परेशान करने वाले किसी व्यक्ति को मैं नहीं छोड़ूंगी।'' वहीं इस घटना को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण(एसआईआर) के नाम पर पैदा किए गए ‘भय के माहौल’ से जोड़ते हुए, मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘एसआईआर से लेकर गरीब विक्रेताओं के उत्पीड़न तक, सब कुछ चुनाव से पहले उनकी साजिश का हिस्सा है।’’
गीता पाठ पर क्या बोलीं ममता?
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर राज्य में सांप्रदायिक विभाजन की संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश करने का आरोप लगाया। भाजपा पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं सांप्रदायिक विभाजन में विश्वास नहीं करती। मैं सभी धर्मों का सम्मान करती हूं। गीता पढ़ने के लिए सार्वजनिक सभा आयोजित करने की क्या आवश्यकता है? हम सभी गीता पढ़ते हैं। जो लोग ईश्वर से प्रार्थना करते हैं या अल्लाह से दुआ मांगते हैं, वे अपने हृदय में ऐसा करते हैं।’’
राजनीति के लिए ‘गीता, गीता’ का जाप करने का आरोप लगाते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि श्रीकृष्ण ने धर्म के बारे में क्या कहा? धर्म का अर्थ है इरादों की पवित्रता, मानवता और शांति। धर्म का अर्थ घृणा या विभाजन नहीं है। हम सभी घर पर गीता का पाठ करते हैं। ईश्वर हमारे हृदय में निवास करते हैं।''
‘बंकिम दा’ कहने पर भड़कीं
TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने इस दौरान बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को ‘बंकिम दा’ कहने पर भी नाराजगी जताई। ममता ने कहा, ''वंदे मातरम् के लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को अब ‘बंकिम दा’ कहा जा रहा है, जैसे वे उनके साथ चाय पीते हों। मास्टर सूर्य सेन को मास्टर कहा जा रहा है.., वे दावा करते हैं कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय नेता नहीं हैं।''
मुख्यमंत्री ने कहा, '' वे महात्मा गांधी का सम्मान नहीं करते। आज एक भाजपा नेता ने खुदीराम बोस को आतंकवादी कहा। राजा राम मोहन राय को ब्रिटिश एजेंट कहा जा रहा है। विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ दी गई। कल किसी ने कहा कि मातंगीनी हाजरा मुस्लिम थीं। क्या तुम बंगाल को जानते भी हो?”





