
परमाणु युद्ध हो सकता था, हमने 200 फीसदी टैरिफ की दी धमकी; भारत-पाक पर बोले ट्रंप
भारत का अमेरिका को निर्यात कम हुआ है, जबकि गैर-अमेरिकी गंतव्यों को निर्यात मजबूत बना हुआ है और पिछले वृद्धि के आंकड़ों को पार कर गया है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अक्टूबर की अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत और पाकिस्तान संघर्ष समाप्त करने का दावा करना जारी है। उन्होंने एक बार फिर कहा है कि 200 फीसदी टैरिफ का डर दिखाकर दोनों मुल्कों के बीच संघर्ष रुकवाया। हालांकि, भारत सरकार साफ कर चुकी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर द्विपक्षीय समझौता था और इसमें किसी तीसरे मुल्क की भूमिका नहीं थी।

फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'वो इसमें शामिल होने वाले थे, 7 विमान गिर गए थे। यह बहुत ज्यादा होता है और वो युद्ध करने वाले थे। परमाणु युद्ध हो सकता था।' उन्होंने कहा, 'मैंने भारत और पाकिस्तान से लगभग एक जैसी बात ही कही। देखिए अगर आप एक दूसरे लड़ेंगे, तो मैं आपके साथ व्यापार नहीं कर पाऊंगा। हम 200 फीसदी टैरिफ लगा देंगे। इससे आपके लिए व्यापार करना असंभव हो जाएगा।'
रूसी तेल पर दी धमकी
पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'उन्होंने (पीएम मोदी) ने मुझे कहा है कि रूसी तेल वाली चीज नहीं करेंगे। लेकिन अगर वह ऐसा करते हैं, तो वो बहुत भारी टैरिफ चुकाएंगे।' बुधवार को ही ट्रंप ने ओवल ऑफिस से दावा किया था कि पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह रूस से तेल खरीदना बंद कर देंगे। हालांकि, भारत सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत की कोई जानकारी नहीं है।
अमेरिका को भारत का निर्यात घटा- रिपोर्ट
भारत का अमेरिका को निर्यात कम हुआ है, जबकि गैर-अमेरिकी गंतव्यों को निर्यात मजबूत बना हुआ है और पिछले वृद्धि के आंकड़ों को पार कर गया है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अक्टूबर की अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त, 2025 में सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करने के बाद सितंबर में अमेरिका को व्यापारिक निर्यात 11.9 प्रतिशत घटकर 5.5 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। एजेंसी ने कहा कि शुल्क वृद्धि से पहले खेप लोड नहीं होती तो यह गिरावट और भी तेज होती।
इसके उलट गैर-अमेरिकी बाजारों में निर्यात सितंबर में 10.9 प्रतिशत बढ़ा, जो अगस्त, 2025 में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि से तेज है। अमेरिका को होने वाले निर्यात में गिरावट डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा 27 अगस्त से प्रभावी भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने के फैसले के बाद आई है। क्रिसिल ने आगाह किया है कि भारत के व्यापारिक निर्यात को अमेरिकी शुल्क वृद्धि और वैश्विक वृद्धि में व्यापक सुस्ती के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
विश्व व्यापार संगठन ने अनुमान लगाया है कि 2025 में वैश्विक व्यापारिक व्यापार की मात्रा 2.4 प्रतिशत बढ़ेगी, जबकि 2024 में यह 2.8 प्रतिशत रही है। इन चुनौतियों के बावजूद, क्रिसिल को उम्मीद है कि भारत का चालू खाते का घाटा (कैड) मजबूत सेवा निर्यात, स्थिर धन प्रेषण प्रवाह और कच्चे तेल की कीमतों में कमी के कारण प्रबंधन के दायरे में रहेगा।
इसने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि चालू वित्त वर्ष में कैड सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का लगभग एक प्रतिशत रहेगा, जो पिछले वर्ष के 0.6 प्रतिशत से अधिक है।





