पाकिस्तान के साथ बातचीत का रास्ता खुला रहना चाहिए, RSS बोला; सरकार को दी ये सलाह

Nisarg Dixit भाषा
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दत्तात्रेय होसबाले ने कहा, '26/11, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए कहा, 'देखिए, (कूटनीतिक रूप से) हर संभव प्रयास किया जा चुका है, लेकिन पाकिस्तान लगातार छोटी-छोटी उकसावे वाली हरकतें करता रहता है।'

पाकिस्तान के साथ बातचीत का रास्ता खुला रहना चाहिए, RSS बोला; सरकार को दी ये सलाह

RSS यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ गतिरोध को तोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम लोगों के बीच आपसी संपर्क है और संवाद के लिए हमेशा रास्ता खुला रहना चाहिए। आरएसएस के सरकार्यवाह (महासचिव) होसबाले ने कहा कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने भारत का विश्वास खो दिया है और अब समय आ गया है कि नागरिक समाज नेतृत्व करे।

सरकारों को सलाह

'पीटीआई-वीडियो' के साथ साक्षात्कार में उन्होंने कहा, 'किसी भी देश की सुरक्षा और आत्मसम्मान की रक्षा करना आवश्यक है और मौजूदा सरकार को इसका ध्यान रखना चाहिए। लेकिन साथ ही हमें अपने दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए। हमें हमेशा उनसे संवाद के लिए तैयार रहना चाहिए।' आरएसएस के सरकार्यवाह ने दोनों देशों के बीच गतिरोध को तोड़ने में लोगों के बीच आपसी संपर्क को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि 'इसे अब और अधिक से अधिक आजमाया जाना चाहिए'।

हालांकि सरकार पारंपरिक राजनयिक चैनलों से इतर 'ट्रैक टू' कूटनीति पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन विपक्षी नेताओं सहित कई बुद्धिजीवियों ने लंबे समय से नागरिक समाज की भागीदारी की वकालत की है।

नागरिक समाज से उम्मीद

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यही एक उम्मीद है, क्योंकि मेरा दृढ़ विश्वास है कि अंततः नागरिक समाज के रिश्ते ही काम आएंगे। क्योंकि हमारे बीच सांस्कृतिक संबंध हैं और हम कभी एक राष्ट्र रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'इसलिए, इस पर जोर देना होगा।'

आतंकवाद पर क्या बोले

उनसे पूछा गया कि भारत को पाकिस्तान और उसके आतंकवाद को लगातार प्रायोजित करने के रवैये से कैसे निपटना चाहिए। उन्होंने 26/11, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए कहा, 'देखिए, (कूटनीतिक रूप से) हर संभव प्रयास किया जा चुका है, लेकिन पाकिस्तान लगातार छोटी-छोटी उकसावे वाली हरकतें करता रहता है।' उन्होंने कहा कि व्यापार और वाणिज्य, वीजा जारी करना बंद नहीं होना चाहिए क्योंकि 'संवाद के लिए हमेशा एक खिड़की (खुली) रहनी चाहिए'।

होसबाले ने कहा कि इसी वजह से कूटनीतिक संबंधों को बनाए रखा गया है। उन्होंने कहा कि वहां के शिक्षाविदों, खिलाड़ियों, वैज्ञानिकों और सामुदायिक नेताओं को आगे आना चाहिए, क्योंकि उनके राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व में भारत के प्रति कुछ दूरी और नकारात्मकता विकसित हो गई है।

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Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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