लाल पेन से लिखा गया नोट, साइकियाट्रिस्ट; गहराता जा रहा कॉन्फिडेंट ग्रुप CEO की खुदकुशी का 'रहस्य'

Feb 09, 2026 08:50 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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बेंगलुुरु के रियल एस्टेट कारोबारी सीजे रॉय की खुदकुशी मामले में लगातार खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने लाल पेन से सूइसाइड लेटर लिखा था। इसके अलावा वह कुछ दिनों से सायकियाट्रिस्ट के भी संपर्क में थे। 

लाल पेन से लिखा गया नोट, साइकियाट्रिस्ट; गहराता जा रहा कॉन्फिडेंट ग्रुप CEO की खुदकुशी का 'रहस्य'

बेंगलुरु के कारोबारी और कॉन्फिडेंट ग्रुप के सीईओ सीजे रॉय की खुदकुशी के मामले में कई बातें निकलकर सामने आ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक छापेमारी से एक महीने पहले ही उन्होंने टैक्स से संबंधित कार्रवाई के खिलाफ कर्नाटक हाई कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट में याचिका फाइल कर रॉय ने दावा किया था कि आयकर विभाग के उनके विभाग की जा रही कार्रवाई गलत और गैरकानूनी है। हालांकि बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली। उनकी मौत के बाद लाल स्याही से लिखा हुआ 9 पेज का सूइसाइड लेकर मिला था। वहीं कुछ दिन पहले ही वह मानसिक रोग विशेषज्ञ से भी मिलने गए थे।

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नोट में क्या लिखा था

सीजे रॉय ने जो 9 पेज का नोट लिखा था उसनमें अपने कारोबार और वित्तीय लेनदेन के बारे में लिखा था। शुरू में उन्होंने अपने परिवार से माफी मांगी थी। उन्होंने लिखा था कि यह उनका आखिरी कदम है। हालांकि उनके इस लेटर से पता चलता था कि वह भारी तनाव में थे और कोई भी कदम उठाने तैयार थे। उन्होंने नोट में बताया था कि किसे कितना पैसा देना है और किससे कितना लेना है। इसके अलावा उन्होंने अपने कारोबार के उत्तराधिकारियों के नाम भी लिखे थे। उन्होंने यह भी लिखा था कि लंबे समय से ग्रुप से साथ जुड़े कर्मचारियों को हटाया ना जाए।

मौत से पहले साइकियाट्रिस्ट से सलाह

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वरा ने बताया था सीजे रॉय साइकियाट्रिस्ट के भी संपर्क में थे। मौत से एक दिन पहले भी वह जयनगर में एक साइकियाट्रिस्ट के पास गए थे। जानकारी के मुताबिक एसआईटी ने साइकियाट्रिस्ट से भी पूछताछ की है, हालांकि इस मामले में कोई पुख्ता बात सामने नहीं आई है।

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा था कि वह दूसरी याचिका फाइल करने के लिए इस याचिका को वापस लेना चाहते हैं। वहीं हाई कोर्ट की सिंगल जज बेंच ने कहा था कि निष्पक्षता के लिए मेमो पर विचार किया जा सकता है। उनके वकील महेश चौधरी ने बाद में कोई नई याचिका भी फाइल नहीं की। वहीं आयकर विभाग की ओर से पेश हुए अडिशनल सॉलिसिटर जनरल अरविंद कामत ने कहा था कि विभाग के पास इस बात के सबूत हैं कि उन्होंने टैक्स की चोरी की है। उनका कारोबार कर्नाटक, केरल और यूएई तक था।

सीजे रॉय के बड़े भाई सीजे बाबू ने बताया कि आयकर विभाग की टीमें तीन दिन से उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। मुझे नहीं पता कि उन्होंने रॉय के साथ क्या किया और उनसे क्या पूछताछ की। उन्होंने इसी दौरान खुदकुशी कर ली। उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स के अलावा उनको कोई और दिक्कत नहीं थी। उनपर कोई बड़ा कर्ज भी नहीं था लेकिन मुझे नहीं पता कि इनकम टैक्स के मामले में उनके साथ क्या हो गया।

बाबू ने कहा, खुदकुशी वाले दिन भी मेरी उनसे बात हुई थी। उन्होंने मुझे दो बार फोन किया था। एसआईटी जांच कर रही है कि किन परिस्थितियों में उन्होंने खुदकुशी की। आयकर विभाग और रॉय के बीच आयकर को लेकर पहले भी मुश्किलें बढञी थीं। वहीं 2016 में कर्नाटक हाई कोर्ट ने उनके पक्ष में ही फैसला सुनाया था।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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