Hindi NewsIndia NewsThe claim that the PM was not in danger in the Lok Sabha is false explanation came
यह दावा गलत कि लोकसभा में प्रधानमंत्री को खतरा नहीं था, क्यों आया ये स्पष्टीकरण

यह दावा गलत कि लोकसभा में प्रधानमंत्री को खतरा नहीं था, क्यों आया ये स्पष्टीकरण

संक्षेप:

कुछ विपक्षी नेताओं का यह दावा निराधार है कि बीते गुरुवार को सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने सोमवार को यह बात कही। इसमें कहा गया है कि उस दिन सदन के घटनाक्रमों से लग रहा था कि कुछ भी अप्रत्याशित हो सकता है।

Feb 09, 2026 08:42 pm ISTDeepak Mishra भाषा, नई दिल्ली
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कुछ विपक्षी नेताओं का यह दावा निराधार है कि बीते गुरुवार को सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने सोमवार को यह बात कही। इसमें कहा गया है कि उस दिन सदन के घटनाक्रमों से लग रहा था कि कुछ भी अप्रत्याशित हो सकता है। यह स्पष्टीकरण उस वक्त आया है, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री पर सदन में किसी विपक्षी सदस्य द्वारा हमला करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहाकि अगर किसी ने कोई ऐसी हरकत करने को कहा भी हो तो प्राथमिकी दर्ज करके उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

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सही परिप्रेक्ष्य में समझने की जरूरत
लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने कहाकि आरोप लगाया गया है कि लोकसभा अध्यक्ष द्वारा प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के लिए सदन में न आने की दी गई सलाह तथ्यों से परे थी। प्रधानमंत्री को कोई तात्कालिक खतरा नहीं था। उन्होंने कहाकि विषय को सही परिप्रेक्ष्य में समझने के लिए यह जरूरी है कि अध्यक्ष द्वारा दिए गए उक्त वक्तव्य को उस दिन सदन में उत्पन्न हुई गंभीर एवं अभूतपूर्व अव्यवस्था की पृष्ठभूमि में देखा जाए। कार्यवाही के आरंभ से ही सदन का वातावरण तेजी से बिगड़ गया था, जिससे सुरक्षा, शिष्टाचार तथा संसदीय कार्यप्रणाली की गरिमा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई थीं। इसके मुताबिक कार्यवाही के बीच में ही विपक्षी दलों के कई सांसद स्थापित संसदीय मर्यादाओं की खुलेआम अवहेलना करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। स्थिति उस समय और अधिक बिगड़ गई जब कुछ सदस्यों ने मेज के आसपास आकर सरकारी कागजात फाड़े और उन्हें पीठासीन सभापति की ओर फेंका।

महिला सांसदों के रुख पर चिंता
आगे कहा गया कि यह कृत्य अनुशासनहीनता को दर्शाते हैं और लोकसभा में घटित सबसे दुर्भाग्यपूर्ण एवं अवांछनीय घटनाओं में से एक थे। इन पर न केवल सदन के भीतर बल्कि देश और विदेश में भी व्यापक स्तर पर चिंता व्यक्त की गई। सूत्रों का दावा है कि इस अव्यवस्था के बीच, कई महिला सांसद आक्रामक रूप से प्रधानमंत्री की सीट की ओर बढ़ीं और उसके चारों ओर एक प्रकार का घेरा बना लिया। और भी चिंताजनक यह था कि कुछ महिला सदस्य बैनर और तख्तियां लेकर सत्तापक्ष की दीर्घा की ओर बढ़ गईं और खुले तौर पर टकराव की मुद्रा में थीं। उन्होंने न केवल प्रधानमंत्री की सीट को घेर लिया, बल्कि उन स्थानों तक भी पहुंच गईं जहां वरिष्ठ मंत्री बैठे थे, जिससे सदन के भीतर अव्यवस्था और असुरक्षा की भावना और बढ़ गई।

लोकसभा अध्यक्ष कक्ष का किया रुख
सूत्रों के मुताबिक उसी दिन, विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष का रुख किया। वहां उन्होंने असंसदीय भाषा का प्रयोग किया और देखते हैं पीएम का क्या करते हैं जैसे धमकी भरे वक्तव्य दिए। ऐसा आचरण माननीय सांसदों के लिए पूरी तरह से अनुचित था और उस दिन की स्थिति की गंभीरता को और अधिक बयां करता है। उन्होंने कहाकि इन घटनाक्रमों को देखते हुए, माननीय अध्यक्ष को प्रधानमंत्री की सुरक्षा तथा सदन में व्यवस्था बनाए रखने को लेकर वास्तविक और ठोस चिंताएं थीं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री को सदन में प्रवेश न करने की दी गई सलाह का उद्देश्य केवल संसदीय कार्यों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करना तथा संसद की गरिमा और पवित्रता की रक्षा करना था। सदन में शिष्टाचार, मर्यादा और व्यवस्था बनाए रखना माननीय अध्यक्ष का सर्वोपरि संवैधानिक दायित्व है, और उनके सभी कार्य इसी दायित्व से प्रेरित थे।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra
दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 17 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और मोबाइल वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट के साथ काम करते हुए कई वीडियो स्टोरीज पर काम किया। इसी दौरान आईपीएल पर पॉडकास्ट के साथ एक अन्य पॉडकास्ट ‘शहर का किस्सा’ भी कर चुके हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत हुई। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया है। आई नेक्स्ट की डिजिटल विंग में काम करते हुए कई नए और रोचक प्रयोग किए। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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