खतरे में थलपति विजय की कुर्सी? तमिलनाडु में वामपंथियों ने छोड़ दिया CM का साथ

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

विजय की TVK सरकार को लेकर उनकी सहयोगी पार्टी ने यह तक कह दिया है कि सरकार को पूरे 5 साल समर्थन मिलेगा या नहीं, यह विजय सरकार की नीतियों और रवैये पर निर्भर करेगा। वहीं पार्टी अकेले चुनाव भी लड़ रही है।

Thalapathy Vijay news
विजय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं

तमिलनाडु में थलपति विजय की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। दरअसल मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार को सहयोगी पार्टियों ने ही झटका दे दिया है। राज्य में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों से पहले CPI और CPM ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उपचुनाव में वामपंथियों का साथ छूटने के बाद अब विधानसभा में भी TVK की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक आगामी उपचुनावों में CPI धारापुरम सीट से और CPM मदुरंतकम सीट से अपने उम्मीदवार उतारेगी। दोनों दलों ने साफ कर दिया है कि वे TVK के नेतृत्व वाले किसी चुनावी गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। यही नहीं CPM के बड़े नेता पी षणमुगम के बयान ने भी विजय की नींदें उड़ा दी हैं। षणमुगम ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि विजय की सरकार को पूरे 5 साल समर्थन मिलेगा या नहीं, यह विजय सरकार की नीतियों, उनके फैसलों और लोगों के प्रति उनके रवैये पर निर्भर करेगा।

बैठकों से बनाई दूरी

इससे पहले मुख्यमत्री विजय ने गठबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से 9 सितंबर को एक अहम बुलाई थी। हालांकि वामपंथियों ने इस बैठक का बहिष्कार कर दिया। CPM के शनमुगम ने कहा कि बैठक में TVK नया गठबंधन बनाना चाहती थी इसीलिए उनकी पार्टी यहां नहीं पहुंची। वहीं CPI ने कहा कि वह बाहर से भले ही विजय की सरकार को समर्थन दे रही हो, लेकिन फिलहाल किसी चुनावी गठबंधन में शामिल नहीं होगी।

विजय से क्यों नाराज हैं लेफ्ट पार्टियां?

रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय को भावी प्रधानमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किए जाने से सहयोगी दल सहज नहीं हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटीज में राजनीतिक गतिविधियों और छात्र विरोध प्रदर्शनों पर आए विजय सरकार के आदेश से वामपंथी बेहद नाराज हैं। बता दें कि TVK ने बीते दिनों एक आदेश जारी कर छात्रों के कॉकरोच जनता पार्टी जैसे किसी प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने पर पाबंदी जताई थी। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद इस सर्कुलर को वापस ले लिया गया।

इस बीच गुजिलीअम्पराई में एक तहसीलदार द्वारा कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों का डेटा जुटाने की खबरों ने आग में घी डालने का काम किया है। विजय के फिल्मी अंदाज को लेकर भी वामपंथी खफा हैं। रोज-रोज विधानसभा में नाटकीय बहसबाजी के बाद लेफ्ट का आरोप है कि विजय के नेतृत्व में विधानसभा अखाड़ा बनती जा रही है और लोगों के असल मद्दे दरकिनार हो रहे हैं।

तो गिर जाएगी सरकार?

फिलहाल वामपंथी दलों ने सरकार से समर्थन वापस नहीं लिया है। हालांकि उन्होंने अपनी राहें जरूर अलग कर ली हैं। अब धारापुरम और मदुरंतकम में होने वाले उपचुनाव के नतीजों पर निगाहें हैं। नतीजे तय कर देंगे कि थलपति विजय का जादू वाकई कायम है या फिर तमिलनाडु में उनकी कुर्सी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

थलपति विजय
Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Navratri 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candidates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsखतरे में थलपति विजय की कुर्सी? तमिलनाडु में वामपंथियों ने छोड़ दिया CM का साथ