थलपति विजय के खिलाफ बोलना पड़ा भारी, DMK सांसद-विधायकों पर धड़ाधड़ दर्ज हो गया केस
थलपति विजय मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही अपने आक्रामक अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। बीते दिनों विजय और उनकी दोस्त तृषा को लेकर की गई टिप्पणी के बाद विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को भी पुलिस उठा कर ले गई थी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय के खिलाफ बयान देना DMK के नेताओं पर भारी पड़ गया है। जानकारी के मुताबिक CM जोसेफ विजय पर कथित तौर पर अपमानजक टिप्पणी करने के आरोपों में TVK की सरकार ने DMK के एक सांसद और 2 विधायकों को निशाने पर ले लिया है और उन पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
मामला DMK के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। दरअसल बीते 12 सितंबर को DMK ने पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया था। इस दौरान कथित तौर पर मुख्यमंत्री विजय और राज्य के कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार के खिलाफ अपमानजक टिप्पणी की गई। अब पुलिस ने इस आरोप में DMK नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने DMK सांसद ए राजा, DMK विधायक पीके सेकरबाबू और वसंतम के कार्तिकेयन के खिलाफ FIR दर्ज किया है।
क्यों हुई कार्रवाई?
रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई में DMK सांसद ए राजा पर विजय के खिलाफ अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने, आपत्तिजनक बयान देने और शांति भंग करने की कोशिश के आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले राजा ने कानून मंत्री के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। हालांक बाद में पार्टी सांसद कनिमोझी की नसीहत के बाद उन्होंने बयान वापस ले लिया था।
इधर चेन्नई पुलिस ने 12 सितंबर के प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री विजय के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में विधायक सेकरबाबू पर अलग से भी मामला दर्ज किया है। इसके अलावा कल्लाकुरिची में पुलिस ने विधायक कार्तिकेयन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की चार धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
तमिलनाडु में भ्रष्टाचार पर घमासान
गौरतलब है कि तमिलनाडु में इस वक्त भ्रष्टाचार को लेकर घमासान जारी है। DMK जहां विजय की सरकार पर बड़े आरोप लगा रही है, वहीं विजय ने द्रमुक को पिछली सरकार की फाइलें खोलने की चेतावनी दे दी है। मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में DMK पर हमला बोलते हुए पूर्व सरकार के 'मिस्टर क्लीन' होने के दावे पर सवाल उठाए थे। ED के दस्तावेजों का हवाला देते हुए एमके स्टालिन और उनके बेटे और विपक्ष के नेता उधयनिधि स्टालिन को भी घेरा था।
इसके बाद विजय के एक इशारे ने भी बवाल मचा दिया। विधानसभा में बोलते हुए विजय ने एमके स्टालिन के आपातकाल के दौरान जेल जाने का जिक्र करते हुए तंज कस दिया। भाषण के दौरान विजय ने अपने हाथ गाल पर रखकर एक इशारा किया। इस पर DMK भड़क गई। DMK ने कहा कि विजय एम के स्टालिन के जबड़े पर आई चोट का मजाक उड़ा रहे थे। वहीं स्टालिन ने भी विजय से पद की गरिमा बनाए रखने की अपील की। इसके बाद ही DMK सड़क पर उतरी थी।


