
सुबह में धराए आतंकी और शाम में धमाका, दिल्ली को दहलाने की कहानी क्या है?
दिल्ली के लाल किले के निकट हुए विस्फोट की घटना के बाद पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक, और कई बड़े शहरों में पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया है, जहां हर संवेदनशील स्थान पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं।
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट हुए विस्फोट की घटना के बाद पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक कई प्रमुख शहरों में पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया है, जहां हर संवेदनशील स्थान पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस धमाके में आठ लोगों की जान चली गई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। कई घायलों को नजदीकी एलएनजेपी अस्पताल पहुंचाया गया है। घटनास्थल पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहुंच चुकी हैं, और जांच जारी है कि यह आतंकी हमला था या ...।

इस धमाके के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या इस विस्फोट का संबंध पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों से तो नहीं? दरअसल, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने रविवार को जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) और अंसार गजवा-उल-हिंद (एजीयूएच) से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था। श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल, शोपियां, फरीदाबाद और सहारनपुर में छापेमारी के दौरान सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। इसी के ठीक बाद सोमवार शाम को लाल किले के पास जोरदार धमाका हुआ। माना जा रहा है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई लिंक हो सकता है।
बता दें कि गिरफ्तार आतंकियों के पास से बरामद सामग्री बेहद खतरनाक बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, उनके कब्जे से एक चीनी स्टार पिस्तौल और कारतूस, एक बेरेटा पिस्तौल और गोली, एक एके-56 राइफल और उसके कारतूस, एक एके क्रिंकोव राइफल और गोली, साथ ही करीब 2900 किलोग्राम आईईडी निर्माण की सामग्री जब्त की गई। इसमें विस्फोटक पदार्थ, रसायन, अभिकर्मक, ज्वलनशील सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरी, तारें, रिमोट कंट्रोल और टाइमर जैसी वस्तुएं शामिल हैं।
जांच से यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क पहले पकड़े गए गुटों से पूरी तरह अलग है। इसमें शामिल लोग 'सफेदपोश' यानी वाइट-कॉलर आतंकी हैं, जो उच्च शिक्षित पेशेवर और छात्र, जो पाकिस्तान-आधारित हैंडलर्स से एन्क्रिप्टेड चैट ऐप्स और वित्तीय चैनलों के जरिए निर्देश प्राप्त कर रहे थे।





