
आतंकवाद मामले में जिस मेवा विक्रेता को पुलिस ने बुलाया, उसने खुद को आग लगी ली; मौत
संक्षेप: पुलिस ने आतंकवादी मॉड्यूल मामले में पूछताछ के लिए बिलाल अहमद वानी और उसके बेटे जसीर बिलाल को हिरासत में लिया था। उन्होंने बताया कि बिलाल को बाद में रिहा कर दिया गया था जबकि उसका बेटा पूछताछ के लिए हिरासत में है।
आतंकवादी मॉड्यूल मामले में पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद मेवा विक्रेता ने खुद को आग लगा ली। सोमवार को श्रीनगर के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि बिलाल अहमद वानी ने रविवार को काजीगुंड में खुद को आग लगा ली थी। अनंतनाग के हॉस्पिटल में रविवार देर रात उसकी हालत बिगड़ने पर उसे एसएमएचएस अस्पताल रेफर कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि वानी ने आधी रात के बाद दम तोड़ दिया।

पुलिस ने आतंकवादी मॉड्यूल मामले में पूछताछ के लिए वानी और उसके बेटे जसीर बिलाल को हिरासत में लिया था। उन्होंने बताया कि बिलाल को बाद में रिहा कर दिया गया था जबकि उसका बेटा पूछताछ के लिए हिरासत में है। वानी सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल मामले में मुख्य आरोपी के रूप में सामने आए डॉ. मुजफ्फर राठेर का पड़ोसी है। माना जा रहा है कि मुजफ्फर फिलहाल अफगानिस्तान में है, जबकि उसके छोटे भाई डॉ. अदील राठेर को 6 नवंबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया गया था।
साजिश में शामिल कश्मीरी युवक गिरफ्तार
दूसरी ओर, एनआईए ने लाल किला के नजदीक बम विस्फोट मामले में आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर उन नबी के साथ साजिश में शामिल रहे कश्मीर के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। दिल्ली में हुए धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 20 अन्य घायल हुए। विस्फोट में इस्तेमाल कार आमिर राशिद अली के नाम पर रजिस्टर्ड थी और उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने के बाद NIA ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया था। जांच में खुलासा हुआ है कि जम्मू-कश्मीर के पंपोर के संबूरा निवासी आरोपी ने आत्मघाती हमलावर उमर के साथ मिलकर आतंकी हमला करने की साजिश रची थी।





