
आतंकी डॉ. उमर ने घर पर ही बना रखी थी बम की फैक्ट्री, पाकिस्तान से मिलती थी ट्रेनिंग
आतंकी डॉक्टर उमर ने अपने फरीदाबाद स्थिति किराये के मकान में ही बम फैक्ट्री लगा रखी थी। उसके ठिकाने से कई ऐसे उपकरण पाए गए हैं। वहीं उसे टेलिग्राम के जरिए पाकिस्तान से निर्देश मिलते थे।
दिल्ली कार ब्लास्ट और आतंकी डॉक्टर उमर को लेकर लगातार खुलासे हो रह हैं। दावा किया गया है कि ब्लास्ट करने वाले आतंकी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के पास अपने किराए के मकान में ही बम बनाने की प्रयोगशाला तैयार कर ली थी। वहीं पाकिस्तान के हैंडलर उसे ट्रेनिंग दिया करते थे। सूत्रों का कहना है कि उसने कार में आईईडी रखी थी जो कि ठीक से असेंबल नहीं थी। यह आईईडी उसने अपने घर पर ही तैयार की थी। इसी से लालकिले के सामने रेडलाइट के पास धमाका हुआ जिसमें कम से कम 12 लोगों की जान चली गई।
उमर के मकान में छापेमारी के दौरान बम की 'फैक्ट्री' पाई गई है जिसमें कई टेस्टिंग उपकरण भी मौजूद थे। फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल की गिरफ्तारी के बाद उमर की इस लैब के बारे में पता चला था। टाइम्स ऑफ इंडिया कि एक रिपोर्ट में कहा गया था कि डॉ, मुजम्मिल और डॉ. अदील पाकिस्तान में बैठे जैश के हैंडलर फैसल, हाशिम और उकाशा के साथ सीधे संपर्क में थे। वे टेलिग्राम के जरिए बात करते थे।
एजेंसियों का मानना है कि डॉ. उमर बम बनाने में एक्सपर्ट था, इसीलिए उसने अपने ही घर पर लैब बनाई थी। पाकिस्तान से उसे वीडियो भेजे जाते थे। हैंडलर्स के निर्देश के मुताबिक ही केमिकल का इस्तेमाल करता था। जांच के दौरान फरीदाबाद में दो जगहों से 358 किलोग्राम और 2563 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था। इससे पता चलता था कि इस विस्फोटक से बम बनना अभी बाकी था।
यह विस्फोटक सूटकेस और बैग में पैक था। इसमें कोई भी धाकतु का टुकड़ा नहीं था। आम तौर पर आतंकी बम में लोहे के छर्रों का इस्तेमाल करते हैं जिससे घायल होने वालों की तादाद बढ़ जाती है। एजेंसियों का कहना है कि शनिवार को नौगाम के थाने में हुआ विस्फोट भी फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ा था। फरीदाबाद में बरामद किया गया विस्फोटक नौगाम थाने में जांच के लिए रखा गया था। डीजीपी ने बताया था कि सैंपलिंग के दौरान ही इसमें धमाका हो गया था।





