

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपने मंत्रिमंडल की सहयोगी और वन मंत्री कोंडा सुरेखा को तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से हटा दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से गुरुवार (03 सितंबर) को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस संबंध में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को सिफारिश भेजी गई है। राज्य की वन एवं बंदोबस्ती मंत्री सुरेखा की बेटी द्वारा मुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ की गई कथित आलोचनात्मक टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसके चलते सत्तारूढ़ दल के विधायकों और पदाधिकारियों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।
उधर, कोंडा सुरेखा ने कैबिनेट से हटाने की खबरों से इनकार किया है और कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। सुरेखा ने CNN-News18 से बातचीत में कहा, "मुझे अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। न कोई हस्ताक्षर, न लेटर पैड, सिर्फ़ सादा कागज़। मुझे लगता है कि यह सही नहीं है। मुझे कोई सूचना नहीं दी गई।" उन्होंने अपनी बर्खास्तगी के तरीके पर सवाल उठाए और कहा कि यह सही तरीका नहीं है।
सुरेखा ने कहा कि उन्होंने पार्टी द्वारा जारी 'शो-कॉज़ नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) का जवाब दे दिया था। उनका कहना है कि बेटी की टिप्पणी के मामले में उनके पक्ष पर ठीक से विचार नहीं किया गया। उन्होंने आगे कहा, "पार्टी की ओर से किसी ने मुझसे संपर्क नहीं किया।" सुरेखा ने फैसले की जानकारी देने वाले संदेश की प्रमाणिकता पर भी सवाल उठाए और कहा कि उसमें न तो हस्ताक्षर थे और न ही आधिकारिक लेटरहेड। उन्होंने तर्क दिया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से पहले पार्टी को उनकी बात सुननी चाहिए थी।
कोंडा सुरेखा ने कहा कि वह अधिकारियों से औपचारिक पुष्टि मिलने के बाद ही आगे का कदम तय करेंगी। उन्होंने कहा, "आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद, मैं आगे की कार्रवाई तय करूंगी।" विवाद से जुड़े आरोपों पर सुरेखा ने कहा, "मैंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया और न ही कोई टिप्पणी की।" इससे पहले कांग्रेस आलाकमान ने सुरेखा के मामले पर विचार किया था। बता दें कि सुरेखा को हटाने का फैसला तब लिया गया, जब तेलंगाना कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने उनकी बेटी की ओर से मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और पार्टी के अन्य नेताओं पर की गई टिप्पणियों के लिए जारी 'कारण बताओ नोटिस' पर उनके जवाब की समीक्षा की।
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सुरेखा को बर्खास्त करने का फैसला राज्य कांग्रेस की अनुशासन समिति द्वारा पार्टी नेतृत्व से उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की सिफारिश के बाद लिया गया है। इससे पहले करीब 20 विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने कहा था कि वे सुरेखा के इस बयान से असहमत हैं कि उनकी बेटी की टिप्पणियां उनके निजी विचार हैं। तेलंगाना कांग्रेस की अनुशासन समिति ने 19 अगस्त को कोंडा सुरेखा को नोटिस जारी कर उनकी बेटी सुष्मिता द्वारा मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ की गई टिप्पणियों के संबंध में तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा था। सुरेखा ने 20 अगस्त को दिए अपने जवाब में कहा था कि उनकी बेटी द्वारा की गई टिप्पणियों के लिए उनसे स्पष्टीकरण मांगना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बेटी की टिप्पणियों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
कोंडा सुरेखा की बेटी कोंडा सुष्मिता पटेल ने वारंगल में एक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री टीडीपी (TDP) और बीआरएस (BRS) से आए नेताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं, पुराने कांग्रेस वफादारों और उनकी उपेक्षा कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने परकल निर्वाचन क्षेत्र से अगला विधानसभा चुनाव लड़ने की भी घोषणा की थी।
प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।