प्लेयर, जीरो फिगर... TCS कांड की पीड़िता के रखे थे नाम, क्या-क्या कांड करते थे आसिफ, शाहरुख और रजा
इस मामले में अब तक कुल 9 एफआईआर हो चुकी हैं। नासिक पुलिस ने अब तक 8 लोगों को अरेस्ट किया है, जिनमें से एक ऑपरेशन मैनेजर भी है, जो महिला है। देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाली निजी कंपनी के तौर पर पहचान रखने वाली टीसीएस में इस कांड ने सभी को चौंकाया है।

देश की दिग्गज टेक कंपनी टीसीएस की नासिक स्थित यूनिट में धर्मांतरण कांड को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में पुलिस की जांच तेज है और कंपनी ने भी पूरा सहयोग देने की बात कही है। इस बीच एक पीड़िता ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। उसका कहना है कि यहां उसके साथ मुस्लिम सहकर्मी गलत व्यवहार करते थे। इसके अलावा उसके धर्म को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती थीं। महिला कर्मचारी ने बताया कि कई बार मेरे फिगर को लेकर टिप्पणी की जाती थी। 'प्लेयर' और 'जीरो फिगर' जैसे तंज कसे जाते थे। इसके अलावा हिंदू देवताओं का भी ये लोग मजाक बनाते थे।
इस मामले में अब तक कुल 9 एफआईआर हो चुकी हैं। नासिक पुलिस ने अब तक 8 लोगों को अरेस्ट किया है, जिनमें से एक ऑपरेशन मैनेजर भी है, जो महिला है। देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाली निजी कंपनी के तौर पर पहचान रखने वाली टीसीएस में इस कांड ने सभी को चौंकाया है। पीड़िता ने बताया कि उनकी 20 जून, 2025 को शादी हुई थी। अपनी शादी के बाद से ही मैं नासिक ब्रांच में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही थी। मेरी 24 जून, 2025 को तीन महीने की ट्रेनिंग शुरू हुई थी। महिला ने पुलिस को बताया कि मेरे ट्रेनिंग लीडर शाहरुख कुरैशी और जयेश गुंजाल थे। पीड़िता ने कहा कि मेरे पति पुणे में काम करते हैं, जबकि मैं ससुराल में रहते हुए नासिक में काम कर रही थी।
महिला ने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान कोई रजा मेनन उनके पास आता था। वह लोन ब्रांच का टीम लीड था। उनकी ट्रेनिंग से उसका कोई लेना-देना नहीं था। फिर भी वह अकसर ट्रेनिंग रूम में आता था और उनसे पर्सनल लाइफ के बारे में पूछता था। वह कहता था, 'आपका पति तो दूर रहता है। फिर आप कैसे इतना सब कुछ मैनेज करती हो। क्या डर नहीं लगता। यदि आपको किसी भी तरह की जरूरत हो तो मुझे बता देना। मैं किसी भी समय मदद के लिए उपलब्ध रहूंगा।' पीड़िता ने कहा कि मेरी शादी को एक ही महीना हुआ था, लेकिन रजा कभी भी मेरी शादीशुदा जिंदगी के बारे में बात करने लगता था।
पूछता था- हनीमून कहां मनाओगी, क्या-क्या करोगी
वह कहता था, 'तुम्हारी अभी ही शादी हुई है। कहां जा रही हो हनीमून पर। वहां क्या-क्या करोगी?' महिला ने कहा कि रजा जब ऐसी बातें करता था तो शाहरुख उसे बढ़ावा देता था। वह खुद भी अकसर मेरी मैरिड लाइफ के बारे में पूछता था। वह पूछता था कि तुम्हारी अरेंज मैरिज हुई है या फिर लव मैरिज की है। इसी तरह रजा भी अकसर उलटी-सीधी बातें करता था। यह रजा ही था, जिसने उसे 'प्लेयर' नाम दिया था। वह अकसर कहता था कि आखिर तुम्हारा पति तुमसे अलग कैसे रह लेता है। यदि मैं उसकी जगह पर होता तो कभी तुम्हारे बिना कहीं नहीं जाता। हर वक्त साथ रहता।
महिला बोली- पीछे से मेरी साड़ी खींच रहा था रजा
महिला कर्मचारी ने बताया कि एक दिन रजा नाम के उस कर्मचारी ने उनकी साड़ी भी खींचने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि एक दिन मैं साड़ी पहनकर आई थई। पैंट्री के पास से गुजर रही थी तो ऐसा लगा कि कोई पीछे से साड़ी खींच रहा। पीछे मुड़कर देखा तो वह रजा मेनन था। मैंने तुरंत पल्लू खींच लिया और वहां से निकलने लगी। यह देखते हुए उसके चेहरे पर भद्दी मुस्कान आ गई। यही नहीं एक और कर्मचारी आसिफ भी इस दौरान हदें पार करता रहा। महिला ने बताया कि वह अकसर पास आकर बैठ जाता था। ऐसा जबरन होता था। कभी जांघ पर, कभी कंधे पर हाथ रखता था। इसके अलावा कभी-कभी पेट या फिर कमर को छूता था। ऐसा करते हुए वह जीरो फिगर बोलता था। इसके अलावा बेहद गंदी टिप्पणियां भी करता था।
'एक बॉयफ्रेंड और हो जाए तो क्या दिक्कत है'
वह कहता था, 'क्या तुम मुझे पसंद करती हो? मैं तो तुम्हें बहुत पसंद करता हूं।' महिला ने कहा कि मुझे बहुत गुस्सा आया। मैं कोई जवाब दिए बिना निकल गई। मुझे नौकरी खोने का डर था क्योंकि मैं नई थी। इसलिए इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। इसके अलावा लंच के दौरान भी आसिफ महिला को तंग करता था। उसके पास आकर जबरदस्ती ही बैठता था और हमेशा गलत ढंग से छूने के प्रयास में रहता था। वह कहता था, ‘जैसे अपने पति के लिए खाना बनाती हो। मेरे लिए भी बनाकर लाना चाहिए। शादी से पहले तो तुम्हारे बॉयफ्रेंड रहे ही होंगे। फिर एक और हो जाए तो क्या दिक्कत है? भले ही तुम शादीशुदा हो, लेकिन मुझे कोई दिक्कत नहीं है। तुम्हारी जो भी शारीरिक जरूरतें होंगी। मैं पूरी कर दूंगा।’
लेखक के बारे में
Surya Prakashदुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।
अकादमिक योग्यता: एक तरफ डेढ़ दशक का सक्रिय पत्रकारिता करियर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूर्यप्रकाश अकादमिक अध्ययन में भी गहरी दिलचस्पी रखते रहे हैं। पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई के साथ ही 'हाइब्रिड वारफेयर में मीडिया के इस्तेमाल' जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषय पर पीएचडी शोध कार्य भी किया है। पत्रकारिता, समाज, साहित्य में रुचि के अलावा वारफेयर में मीडिया के प्रयोग पर भी गहरा अध्ययन किया है। इसी कारण डिफेंस स्टडीज जैसे गूढ़ विषय में भी वह रुचि रखते हैं। इस प्रकार सूर्यप्रकाश का एक लंबा पेशेवर अनुभव रहा है तो वहीं गहरी अकादमिक समझ भी रही है।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के समाचारों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो वहीं नैरेटिव वारफेयर के बारे में भी गहरा अध्ययन है। खबरों के अंदर की खबर क्या है और किसी भी समाचार के मायने क्या हैं? ऐसी जरूरी चीजों को पाठकों तक पहुंचाने में भी रुचि रखते हैं। लाइव हिन्दुस्तान में बीते 5 सालों से जुड़े हैं और गुणवत्तापूर्ण समाचार देने की मुहिम को बल प्रदान किया है। सूर्यप्रकाश को पाठकों की पसंद को समझने और उसके अनुसार समाचारों के प्रस्तुतिकरण में भी महारत हासिल है। कठिन विषयों को सरल शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने की रुचि है और इसी कारण एक्सप्लेनर आदि भी लिखते हैं।
और पढ़ें

