Hindi NewsIndia NewsTamilnadu temple denies disappearance of golden lizard carving from ceiling
सोने से बनीं छिपकलियां मंदिर से हो गईं चोरी? मचा भारी हंगामा, पुजारियों का क्या जवाब

सोने से बनीं छिपकलियां मंदिर से हो गईं चोरी? मचा भारी हंगामा, पुजारियों का क्या जवाब

संक्षेप:

मंदिर के एक कार्यकर्ता ने यह आरोप लगाया था कि मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान सोने और चांदी से बनी छिपकलियों को हटा दिया गया था। उनकी जगह कथित तौर पर नई छिपकलियां उकेरी गई थीं। इसे लेकर भारी हंगामा मच गया।

Nov 07, 2025 02:09 pm ISTNiteesh Kumar भाषा
share Share
Follow Us on

चेन्नई से सटे कांचीपुरम स्थित प्राचीन श्री वरदराज पेरुमल मंदिर में चोरी का मामला गरमाया हुआ है। हालांकि, मंदिर के प्रबंधन ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि छत पर अंदर उकेरी गई सोने और चांदी से बनीं छिपकलियां गायब हो गई हैं। चेन्नई से लगभग 79 किलोमीटर दूर स्थित यह प्रसिद्ध वैष्णव मंदिर हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। मंदिर की यात्रा सोने और चांदी की छिपकलियों को छुए बिना अधूरी मानी जाती हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।
ये भी पढ़ें:RSS -BJP ने कार्यालयों में कभी नहीं गाया वंदेमातरम्, कांग्रेस का संघ गीत पर तंज

मंदिर के एक कार्यकर्ता ने यह आरोप लगाया था कि मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान सोने और चांदी से बनी छिपकलियों को हटा दिया गया था। उनकी जगह कथित तौर पर नई छिपकलियां उकेरी गई थीं। हालांकि, मंदिर प्रबंधन ने कहा कि छिपकलियां अपने-अपने स्थान पर हैं। मंदिर के कार्यकारी अधिकारी ने कहा, ‘छत पर उकेरी गईं छिपकलियों को न तो हटाया गया है और न ही बदला गया है। एक कार्यकर्ता ने झूठा और बेबुनियाद आरोप लगाया है। मंदिर प्रशासन उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।’

छिपकलियों को लेकर क्या है मान्यता

मंदिर के एक सूत्र के अनुसार ये 2 छिपकलियां ऋषि गौतम के दो शिष्यों की प्रतीक हैं, जिन्हें अपने दोषों के कारण छिपकली बनने का श्राप मिला था। भगवान विष्णु ने उन्हें श्राप से मुक्ति दिलाई थी। सूत्र ने बताया, ‘मंदिर में आने वाले श्रद्धालु छिपकलियों को छूकर भगवान से सौभाग्य और दोषमुक्त जीवन के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।’ इसी मंदिर में अंजीर की लकड़ी से बनी भगवान विष्णु की दस फुट लंबी मूर्ति ‘अथि वरधर’ मंदिर के कुंड के अंदर स्थापित है। श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए इन मूर्तियों को 40 वर्षों में एक बार जल से बाहर निकाला जाता है। आखिरी बार इस मूर्ति को 2019 में जल से बाहर निकाला गया था।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।