तमिलनाडु के मंत्री ने कर दी ऐसी 'गलती', थलपति विजय ने तुरंत मांगी माफी
तमिलनाडु के मंत्री रंजीत कुमार ने पूर्व सीएम का नाम बिना सम्मानसूचक शब्द के लिया तो विधानसभा में हंगामा होने लगा। इसपर तुरंत सीएम विजय खड़े हुए और उन्होंने माफी मांग ली। इसके बाद माहौल शांत हो गया।

तमिलनाडु विधानसभा में सरकार के एक मंत्री जब पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का सीधे नाम ले लिया तो उनकी तरफ से तुरंत सीएम थलपति विजय ने माफी मांग ली। मंत्री के बयान के बाद डीएमके ने सदन में विरोध किया और कहा कि इस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री का नाम नहीं लिया जा सकता। उनके नाम के आगे सम्मनजनक शब्द लगाने जरूरी हैं। इसपर तुरंत सीएम विजय खड़े हुए और उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम का जिस तरह से नाम लिया गया है वह वाकई में गलत है। उनकी तरफ से मैं माफी मांगता हूं।
तमिलनाडु के वन मंत्री आरवी रंजीत ने करुणानिधइ का नम बिना सम्मानजनक शब्द लगाए ही ले लिया था। उस दौरान चर्चा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दी जाने वाली ग्रांट पर चल रही थी। रंजीत कुमार ने कैश फॉर वोट की निंदा की और कहा, पिछले चुनाव में काचीपुरम में हर एक वोट के लिए 1500 रुपये बांटे गए थे। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार बिना पैसे बांटे बनी हैं।
मंत्री की तरफ से सीएम विजय ने मांग ली माफी
चुनाव के वक्त अपनाई जाने वाली गलत रणनीतियों की बात करते हुए ही मंत्री रंजीत कुमार ने पूर्व सीएम को 'करुणानिधि' कहकर संबोधित किया। इसके बाद डीएमके ने विरोध करना शुरू कर दिया और कहा कि एक सम्मानित नेता का नाम इस तरह लेना उचित नहीं है। बवाल बढ़ता देखा तो सीएम विजय खड़े हुए और मंत्री के भाषण के बीच में ही उन्होंने कहा, मैं मानता हूं कि जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री का नाम लिया गया है, वह गलत है। उन्होंने माफी मांग ली और फिर मामला शांत हो गया।
किसानों के 75 हजार तक के कर्ज माफी का ऐलान
डेल्टा जिलों में कुरुवई फसल की खेती के लिए मेट्टूर बांध से सिंचाई का पानी न छोड़े जाने के कारण पहले से ही सूखे का सामना कर रहे किसानों को राहत देते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने सोमवार को सरकार में अपने 100 दिन पूरे होने के अवसर पर 75,000 रुपये तक के कृषि ऋण की पूर्ण माफी की घोषणा की।
राज्य विधानसभा में नियम 110 के तहत वक्तव्य देते हुए उन्होंने यह भी घोषणा की कि 75,000 रुपये से एक लाख रुपये तक के ऋण के लिए 75,000 रुपये तक की छूट दी जयेगी और एक लाख रुपये से अधिक के ऋण के लिए 35,000 रुपये की छूट मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के गंभीर वित्तीय संकट का सामना करने के बावजूद वे किसानों को अधिक राहत प्रदान कर रहे हैं। इस अतिरिक्त कर्ज माफी के कारण सरकार पर 953.06 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आयेगा।


