तमिलनाडु के राज्यपाल से मिले TVK चीफ विजय, सरकार बनाने का दावा किया पेश

Madan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

सूत्रों के अनुसार विजय पहले ही सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं लेकिन संख्याबल को लेकर राज्यपाल संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि विजय की राज्यपाल से मुलाकात संक्षिप्त रही।

तमिलनाडु के राज्यपाल से मिले TVK चीफ विजय, सरकार बनाने का दावा किया पेश

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी टीवीके के अध्यक्ष चंद्रशेखर जोसफ विजय ने वामपंथी दलों से समर्थन मिलने के बाद शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से लोक भवन में मुलाकात की ताकि उनसे सरकार बनाने का निमंत्रण प्राप्त किया जा सके।

सूत्रों के अनुसार विजय पहले ही सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं लेकिन संख्याबल को लेकर राज्यपाल संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि विजय की राज्यपाल से मुलाकात संक्षिप्त रही। वामपंथी दलों द्वारा बिना शर्त समर्थन देने का वादा करने के कुछ घंटों बाद, विजय गुइंडी में राज्यपाल के कार्यालय पहुंचे। टीवीके समर्थकों को उम्मीद है कि अर्लेकर उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण देंगे।

विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट मिली है जो बहुमत के लिए जरूरी 118 सदस्यों की संख्या से कम है। नतीजे आने के कुछ घंटों के बाद ही द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के साथ चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी। पार्टी के सदन में पांच सदस्य निर्वाचित हुए हैं।

विजय ने सरकार बनाने की कोशिशों के तहत द्रमुक की सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और विदुथालाई चिरुथैगल कच्ची (वीसीके) से संपर्क किया था। तीनों दलों के सदन में दो-दो विधायक हैं। भाकपा और माकपा ने विजय को समर्थन देने की घोषणा कर दी है जबकि वीसीके ने कहा कि वह शनिवार को फैसला लेगी।

विजय बाद में भाकपा और माकपा के राज्य मुख्यालय गए और वाम नेताओं को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। विजय ने पहली बार दोनों वामपंथी दलों के कार्यालयों का दौरा किया है। इससे पहले, भाकपा के प्रदेश सचिव एम. वीरपांडियन ने कहा, ''जनता ने लोकतंत्र का प्रस्ताव रखा है और हमने इसका समर्थन किया है,'' और इसी के अनुरूप पार्टी टीवीके को अपना समर्थन देती है।

माकपा के प्रदेश सचिव पी. शनमुगम ने कहा, ''राज्य के अधिकारों की रक्षा और इसी तरह के मुद्दों के संबंध में, वामपंथी दल द्रमुक के साथ गठबंधन जारी रखेंगे।'' आईयूएमएल ने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि ''उसके दो विधायक सरकार गठन की दिशा में राज्यपाल की पहल का समर्थन करेंगे।'' आईयूएमएल के शीर्ष नेता प्रोफेसर के.एम. कादर मोहिदीन के इस बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि आईयूएमएल टीवीके द्वारा सरकार गठन में ''सहयोग'' करेगी।

वाम दलों के समर्थन, वीसीके और आईयूएमएल की ओर से सहयोग के संकेत के बाद टीवीके समर्थकों ने जश्न मनान शुरू कर दिया है। उन्होंने भरोसा जताया है कि विजय जरूरी संख्याबल प्राप्त कर सरकार बनाएंगे। जश्न मना रहे समर्थकों में से एक महिला ने 'पीटीआई वीडियो' से कहा, ''हम सो नहीं पाए। हम बुखार में यहां तीन दिन तक यह जानने के लिए बैठे रहे कि यह अंत है या एक नई शुरुआत।'' उन्होंने कहा, ''जब हमने 'समर्थन' शब्द सुना, तो हमने जयकार नहीं की - हम बस मंदिर गए और रोए। भगवान ने आखिरकार हमारे साथ हुए अन्याय को देख लिया है।''

टीवीके ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के सहयोगी वामदलों, और विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) से संपर्क किया था तथा 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद सरकार बनाने के लिए उनका समर्थन मांगा था। सीपीआई, सीपीआईएम और वीसीके, प्रत्येक के दो-दो विधायक हैं। वाम दलों ने राज्यपाल को संबोधित पत्र में टीवीके को अपना समर्थन देने की जानकारी दी। पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को समर्थन दे दिया है।

विधानसभा चुनावों में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, पार्टी संस्थापक विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक को छोड़ना होगा। विजय को चेन्नई के पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीटों में से एक को छोड़ना पड़ेगा।

कृपया अपने अनुभव को रेट करें

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी वरिष्ठ पत्रकार हैं और मीडिया में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है।
परिचय, अनुभव एवं शिक्षा
वर्तमान में मदन हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। कुल एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।

यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

मीडिया में अवॉर्ड्स.
मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत एक दर्जन से ज्यादा पुरस्कार जीते हैं।

विशेषज्ञता
देश-विदेश की राजनीति पर गहरी पकड़
यूपी-बिहार समेत सभी राज्यों की खबरों को कवर करने का व्यापक अनुभव
विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, संसद की कार्यवाही को लंबे समय से कवर किया
ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज, एनालिसिस स्टोरीज, एशिया, मिडिल ईस्ट, पश्चिमी देशों की खबरों को कवर करने का एक दशक से ज्यादा का एक्सपीरियंस

और पढ़ें