फूल एक, कांटे अनेक; अब CM विजय को CPM से खतरा, किस बात को लेकर दी धमकी?
तमिलनाडु की सत्तारूढ़ टीवीके सरकार और उसके सहयोगी दलों के बीच दरार सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। वामपंथी दल CPI(M) ने मुख्यमंत्री विजय की पार्टी को साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर AIADMK को सरकार या गठबंधन में शामिल किया गया तो वह अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी।

तमिलनाडु की सत्तारूढ़ टीवीके सरकार और उसके सहयोगी दलों के बीच दरार सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। वामपंथी दल CPI(M) ने मुख्यमंत्री विजय की पार्टी को साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर AIADMK को सरकार या गठबंधन में शामिल किया गया तो वह अपने समर्थन पर पुनर्विचार करेगी। सीपीएम ने कहा कि AIADMK के किसी भी गुट को टीवीके सरकार का हिस्सा बनाना जनता के जनादेश के खिलाफ होगा, क्योंकि जनता ने पिछले चुनाव में दोनों प्रमुख दलों ( DMK और AIADMK ) को नकारा था।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि AIADMK की उपस्थिति टीवीके के 'स्वच्छ शासन' के वादे के विपरीत होगी। सीपीएम ने अपने बयान में कहा कि हम टीवीके का समर्थन इसलिए कर रहे हैं क्योंकि तमिलनाडु एक और चुनाव के लिए तैयार नहीं है और हम नहीं चाहते कि राज्यपाल के माध्यम से भाजपा तमिलनाडु की सत्ता में दखल दे।
तमिलनाडु में किसी को पूर्ण बहुमत नहीं
बता दें कि 2026 के विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की TVK ने तमिलनाडु की दशकों पुरानी द्विपक्षीय राजनीति को तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन 4 मई को घोषित चुनाव परिणामों में उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिल सका। 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK ने 107 सीटें जीतीं, जो बहुमत के लिए जरूरी 118 से 11 कम हैं। कांग्रेस, वाम मोर्चा, वीसीके और IUML के समर्थन के बाद 13 मई को हुए विश्वास मत में विजय सरकार ने 144 वोट हासिल किए। इसमें AIADMK के 24 बागी विधायकों का भी समर्थन शामिल था।
सहयोगी दलों की बढ़ी चिंता
बता दें कि विश्वास मत से पहले विजय द्वारा AIADMK बागी नेताओं से मुलाकात के बाद CPM, कांग्रेस और वीसीके जैसे सहयोगी दलों में असंतोष बढ़ गया। इनमें से कई दल पहले DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा रहे हैं। DMK ने कांग्रेस पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए उसके साथ संबंध तोड़ लिए हैं। दूसरी ओर छोटे दलों ने स्पष्ट किया है कि उनका TVK को समर्थन चुनाव टालने और भाजपा-AIADMK गठबंधन को सत्ता से दूर रखने की रणनीति पर आधारित है।
हालांकि अब CPM की ताजा चेतावनी से संकेत मिल रहा है कि TVK सरकार की स्थिरता अभी भी चुनौतियों से घिरी हुई है। और आने वाले दिनों में टीवीके और उसके सहयोगियों के बीच गठबंधन की सियासत को लेकर दबाव बढ़ सकता है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
और पढ़ें


