सीएम विजय ने चलाया करप्शन पर चाबुक, पार्टी फंड के नाम पर चल रहे गोरखधंधे पर गाज
तमिलनाडु में सीएम बनने के बाद ऐक्टर विजय ऐक्शन में आ चुके हैं। सबसे पहली कार्रवाई कॉरपोरेशन, इसके जरिए बिकने वाली शराब और पार्टी फंड के नाम पर इससे होने वाली अवैध वसूली पर हुई है। इसके बाद कई विभागों पर चाबुक चलेगा।

तमिलनाडु में सीएम बनने के बाद ऐक्टर विजय ने शुक्रवार को पहली कैबिनेट बैठक की। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन में होने वाले भ्रष्टाचार, अनधिकृत संग्रह और पार्टी फंड जैसी प्रथाओं पर व्यापक कार्रवाई शुरू की। सीएम विजय ने अधिकारियों को आदेश दिया कि शराब बिक्री से मिला एक-एक पैसा राज्य के खजाने तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। जानकारी के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने सीएम को बताया कि हर महीने करीब 102 करोड़ रुपए अनौपचारिक ‘पार्टी फंड’ के जरिए कॉरपोरेशन संचालन में जा रहे थे। अनुमान के मुताबिक पिछले पांच साल में राज्य सरकार के खजाने से करीब 1,600 करोड़ रुपए निकाले जा चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक अब डीएमके के कॉरपोरेशन के इस्तेमाल पर भी जांच केंद्रित हुई है।
बंद करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल लंबे समय से चले आ रहे कॉरपोरेशन के थोक और खुदरा नेटवर्क में चल रहे अनौपचारिक कैश कलेक्शन सिस्टम को बंद करने का निर्देश दिया। इसके करीब 4,048 रजिस्टर्ड आउटलेट हैं। इन सुधारों की निगरानी एक्साइज मिनिस्टर के विग्नेश कर रहे हैं, जो 37 साल के नए मंत्री हैं और एक साधारण बैकग्राउंड से आते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनके माता-पिता ने चाय की दुकान चलाई थी। इससे पहले कि उन्होंने केबल वितरण व्यवसाय और बाद में राजनीति में कदम रखा। एनडीटीवी के मुताबिक मंत्री विग्नेश ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार को भ्रष्टाचार या लोगों को दर्द पहुंचाकर होने वाली कमाई की जरूरत नहीं है।
बन गया था सिस्टम का हिस्सा
सूत्रों के मुताबिक गलत ढंग से पैसे की वसूली, पिछले कुछ वक्त में कॉरपोरेशन में सिस्टम का हिस्सा बन चुके थे। अधिकारियों के मुताबिक तमिलनाडु में शराब बोतल के आकार के अनुसार मानकीकृत मामलों के माध्यम से सप्लाई की जाती है। यहां 180 एमएल की बॉटल 48 केस में पैक होती है। वहीं, 375 एमएल की 12 और बीयर केसेज में आमतौर पर 12 बॉटल्स होती हैं। आरोप है कि हर लिकर केस पर करीब 90 रुपए पार्टी फंड कलेक्शन के नाम पर जाते हैं। वहीं, बीयर में यह 40 रुपए पर केस और वाइन के मामले में 20 रुपए मंत्री या पॉलिटिकल फंड में जाते हैं। अधिकारियों का दावा है कि यह वसूली, वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट और रिटेल आउटलेट्स में होती है। इसके मुताबिक हर महीने करीब 88 लाख उपभोक्ता कॉरपोरेशन के जरिए शराब खरीदते हैं। अंदरूनी आंकड़े बताते हैं कि हर महीने तकरीबन 102 करोड़ रुपए अनाधिकारिक ढंग से जाते हैं।
अभी तो यह झांकी है
बताया जाता है कि कॉरपोरेशन के खिलाफ अभियान तो महज शुरुआत भर है। भ्रष्टाचार का दायरा बहुत बड़ा है और आने वाले वक्त में कई विभाग एंटी-करप्शन मिशन की चपेट में आने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने हर विभाग में भ्रष्टाचार को चिन्हित करने का आदेश दिया है। खासकर वह विभाग जो सरकारी रेवेन्यू के लिए जिम्मेदार हैं। इसमें भी कॉरपोरेशन को सबसे पहले निशाना इसलिए बनाया गया क्योंकि यहां पर अनाधिकारिक कलेक्शन काफी ज्यादा है। बताया जाता है कि अगला निशाना खनन विभाग पर हो सकता है।
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Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


