वामपंथियों की धमकी के बाद आ गया TVK का जवाब, तमिलनाडु में AIADMK को मंत्री पद देंगे विजय?
पिछले हफ्ते हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान अन्नाद्रमुक प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के खिलाफ जाकर पार्टी के 25 बागी विधायकों ने विजय सरकार के पक्ष में वोट किया था। इसके बाद चर्चा थी कि इन्हें कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

तमिलनाडु में CM बने थलपति विजय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विजय को पहले जहां बहुमत हासिल करने के लिए अलग अलग दलों से अर्जी लगानी पड़ी, वहीं अब इस गठबंधन को जोड़े रखना भी विजय के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है। नया मसला कैबिनेट विस्तार का है। TVK को समर्थन दे रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) ने मंगलवार को विजय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और चेतावनी दे दी अगर AIADMK के बागी गुट के विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह मिली तो परी समर्थन वापस ले लेगी। इस पर अब TVK का जवाब आया है।
TVK के वरिष्ठ नेता और पीडब्ल्यूडी मंत्री आधव अर्जुना ने बुधवार को ऐसी चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सरकार में अन्नाद्रमुक के बागी विधायकों को शामिल किया जा सकता है। विजय सरकार में खेल मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे आधव अर्जुना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की है। अर्जुना ने साफ किया कि सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले बागी विधायकों ने लोकतंत्र को बचाने और ईपीएस की गलत नीतियों के विरोध में टीवीके को समर्थन दिया है, न कि सत्ता या मंत्री पद के लिए।
सहयोगियों को भेजा न्योता
इस दौरान अर्जुना ने CPI, CPM, थोल थिरुमावलवन की पार्टी वीसीके (VCK) और IUML को सरकार (कैबिनेट) में सीधे शामिल होने का खुला न्योता दिया है। उन्होंने कहा, "सहयोगियों को कैबिनेट में शामिल कर सत्ता साझा करना मुख्यमंत्री विजय का सपना और इच्छा है।" उन्होंने यह पुष्टि की भी कि गठबंधन की सबसे बड़ी सहयोगी कांग्रेस जल्द ही कैबिनेट विस्तार के तहत सरकार में शामिल होगी।
बागी विधायकों ने दिया था विजय का साथ
गौरतलब है कि विजय ने तमिलनाडु में कांग्रेस, VCK, सीपीआई, सीपीएम और मुस्लिम लीग के साथ मिलकर सरकार बनाई है। हालांकि पिछले हफ्ते हुए बहुमत परीक्षण के दौरान अन्नाद्रमुक के प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के खिलाफ जाकर पार्टी के 25 बागी विधायकों ने भी विजय सरकार के पक्ष में वोट किया था। इस गुट का नेतृत्व सीवी शनमुगम कर रहे हैं। इसी के बाद राजनीतिक गलियारों में अफवाह उड़ने लगी कि इन 25 बागी विधायकों को खुश करने के लिए इन्हें कैबिनेट विस्तार में मंत्री पद दिया जा सकता है।
CPM से मिली धमकी
इस खबर से नाराज होकर CPM और लेफ्ट पार्टियों ने साफ शब्दों में कह दिया कि अगर अन्नाद्रमुक के किसी भी धड़े या दक्षिणपंथी झुकाव वाले नेताओं को सरकार का हिस्सा बनाया गया, तो वे अपना समर्थन वापस ले लेंगे। CPM के सचिव पी शन्मुगम ने सीधी चेतावनी दी कि अगर तमिलनाडु सरकार में AIADMK के एक नेता को भी शामिल किया गया तो पार्टी अपने समर्थन पर पुनर्विचार कर सकती है। शन्मुगम ने एक बयान में कहा, “हमें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री ऐसा फैसला नहीं लेंगे। लेकिन अगर वे AIADMK को कैबिनेट में शामिल करने का फैसला लेते हैं, तो हम अपने समर्थन पर फिर से विचार करेंगे।”
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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