विजय थलपति की लक्जरी या CM की जरूरत? 6.17 करोड़ के ऑफिस पर भाजपा ने घेरा
भाजपा सवाल उठा रही है कि जब सरकार पहले ही 1,200 करोड़ रुपये की लागत से नया सचिवालय बनाने का ऐलान कर चुकी है, तो फिर अस्थायी तौर पर CM ऑफिस शिफ्ट करने पर करोड़ों रुपये खर्च करने की क्या जरूरत है।

तमिलनाडु में थलपति विजय पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। अपनी लक्जरी लाइफस्टाइल के लिए मशहूर विजय पर भारतीय जनता पार्टी ने अब फिजूलखर्ची के आरोप लगाए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने हाल ही में विजय को निशाने पर लेते हुए कहा है कि TVK सरकार महज ऐशोआराम के लिए जनता के पैसों को बर्बाद कर रही है।
नैनार नागेंद्रन ने हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट में विजय को आड़े हाथों लिया। उन्होंने RTI से मिली जानकारी का हवाला देते हुए इससे जुड़ा एक आधिकारिक दस्तावेज भी साझा किया। इस दस्तावेज के मुताबिक विजय के मुख्यमंत्री कार्यालय को 'नमक्कल कविग्नार मलिगई' की 10वीं मंजिल पर शिफ्ट करने और उससे जुड़े कार्यों के लिए 6.17 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
क्या बोले नागेंद्रन?
नागेंद्रन ने हमला बोलते हुए कहा है कि बदलाव का वादा कर सत्ता में आए मुख्यमंत्री विजय का असली रंग जल्द ही सामने आ गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सचिवालय फोर्ट में पहले से पर्याप्त सुविधाएं मौजूद हैं, तो व्यक्तिगत कारणों और विलासिता के लिए जनता का पैसा बहाना कहां तक जायज है। बीजेपी नेता ने यह सवाल भी उठाए कि जब सरकार 1,200 करोड़ रुपये की लागत से नया सचिवालय बनाने की घोषणा कर चुकी है, तो फिर अस्थायी रूप से कार्यालय बदलने के लिए करोड़ों रुपये क्यों बर्बाद किए जा रहे हैं।
नागेंद्रन ने आगे कहा कि यह सब तब हो रहा है जब राज्य में पर्याप्त गोदाम न होने के कारण किसानों का धान बारिश में खराब हो रहा है। उन्होंने कहा, "बदलाव मुख्यमंत्री कार्यालय की दीवारों पर नहीं, जनता के जीवन में आना चाहिए।"
विधानसभा सिनेमा स्टूडियो नहीं- नागेंद्रन
नैनार नागेंद्रन ने विजय के फिल्मी अंदाज को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, "विधानसभा आपका सिनेमा स्टूडियो नहीं है, मिस्टर विजय।" उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विधानसभा को सिर्फ डायलॉगबाजी का मंच बना रहे हैं और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी लेने से भाग रहे हैं।
विधानसभा में जोरदार हंगामा
इस बीच तमिलनाडु विधानसभा में मंगलवार को जोरदार हंगामा हो गया। दरअसल DMK ने मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के उस बयान को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटाने की मांग की थी, जिसमें उन्होंने DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। द्रमुक विधायकों ने इसे लेकर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद मुख्य विपक्षी दल के कई विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही द्रमुक के सचेतक ई वी वेलु ने सोमवार को विजय द्वारा दिए गए बयान का हवाला देते हुए मांग की कि प्रवर्तन निदेशालय के भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मुख्यमंत्री के संदर्भों को सदन के रिकॉर्ड से हटाया जाए क्योंकि यह सदन के नियमों के विरुद्ध है।
वेलु ने सरकारिया आयोग के संदर्भों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि आयोग ने माना था कि कोई अपराध नहीं हुआ था। कानून मंत्री आर निर्मल कुमार ने सरकारिया आयोग की रिपोर्ट और ईडी के आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर मुख्यमंत्री के बयान का बचाव किया। उन्होंने तत्कालीन द्रमुक सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को भी दोहराया।


