परिसीमन को ना, थलपति विजय और सांसदों की मीटिंग के बाद तमिलनाडु में बड़ा फैसला

लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
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परिसीमन को लेकर तमिलनाडु में थलपति विजय सरकार का रुख स्पष्ट हो चुका है। तमिलनाडु सरकार विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित करेगी ताकि राज्य में परिसीमन शुरू करने की किसी भी पहल के खिलाफ अपनी आपत्ति औपचारिक रूप से दर्ज कर सके।

Tamil Nadu Chief Minister C Joseph Vijay
सीएम विजय ने तमिलनाडु में बड़ा फैसला लिया है।

परिसीमन को लेकर तमिलनाडु में थलपति विजय सरकार का रुख स्पष्ट हो चुका है। तमिलनाडु सरकार विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित करेगी ताकि राज्य में परिसीमन शुरू करने की किसी भी पहल के खिलाफ अपनी आपत्ति औपचारिक रूप से दर्ज कर सके। सभी दलों के सांसदों और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के बीच बैठक के बाद, नेताओं ने तय किया है कि किसी भी परिसीमन के खिलाफ एकजुट होकर ना कहेंगे। वजह, राज्य कम से कम 40-50 साल तक निर्वाचित प्रतिनिधियों की सीटों की संख्या में बदलाव नहीं देख सकता।

बैठक के बाद क्या बोले नेता

बैठक के बाद कांग्रेस सांसद ज्योतिमणि ने कहाकि हम परिसीमन का समर्थन नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री विजय ने यह सर्वदलीय बैठक बुलाकर बहुत अच्छा कदम उठाया है। यदि परिसीमन लागू किया जाता है, तो लोकतंत्र अपने सही अर्थों में नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु के लोगों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। नेताओं ने कहा कि वे चाहते हैं कि यथास्थिति बनी रहे और वे किसी भी बदलाव के पक्ष में नहीं हैं।

कितने सांसद हुए शामिल

इस बैठक में सत्तारूढ़ दल, टीवीके गठबंधन से आने वाले सांसद शामिल हुए। इनमें कांग्रेस, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल शामिल हैं। इसके अलावा अन्य दलों, जैसे सीपीआई और सीपीआई-एम ने भी बैठक में हिस्सा लिया। कुल मिलाकर, 19 सांसदों ने भाग लिया। वहीं, विपक्षी डीएमके ने बैठक का बहिष्कार किया था। पार्टी सांसद कनिमोझि ने विजय की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए थे। साथ ही उन्होंने विजय को चुनौती दी थी कि वह कर्नाटक के प्रस्तावित मेकदातु बांध के खिलाफ एक्शन लें।

क्या बोले सीएम विजय

विजय ने कहाकि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ऐसी पार्टी जिसने तमिलनाडु में छह बार सत्ता संभाली है। जिसके संस्थापक नेताओं ने राज्य के हितों के लिए बलिदान किए, उन्होंने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। बैठक में शामिल सभी नेताओं ने अपनी बात रखी। कांग्रेस के 11 सांसदों में से चार को बोलने का मौका मिला। एक सुझाव यह था कि तमिलनाडु विधानसभा को किसी भी परिसीमन अभ्यास के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए। इसके बाद कांग्रेस ने सवाल उठाया कि लोगों को यह जानने की जरूरत है कि तमिलनाडु सरकार राज्य के लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के खिलाफ क्यों है। साथ ही यह भी कि इस बिल की खास बातें क्या हैं।

विजय ने बैठक के अंत में लगभग छह मिनट तक अपनी बात रखी। बैठक में तय हुआ कि तमिलनाडु में सत्ताधारी गठबंधन लोकसभा में 543 और तमिलनाडु में 39 सीटों की संख्या पर स्थायी रोक लगाने की कोशिश करेगा। कनिमोझी ने पूछा कि क्या विजय तमिलनाडु सरकार के प्रतिनिधियों को राज्य के सांसदों के साथ भेजने के लिए तैयार हैं ताकि वे संघीय जल शक्ति मंत्री से मिलें और मेकेदातु परियोजना के विरोध में विधानसभा का प्रस्ताव व्यक्तिगत रूप से सबमिट कर सकें। उन्होंने कहाकि अब तक, केंद्रीय सरकार ने वर्तमान संसद सत्र के दौरान किसी सीमा निर्धारण विधेयक को पेश करने की योजना की घोषणा नहीं की है और न ही मौजूदा कानून में संशोधन करने का कोई प्रस्ताव पेश किया है।

Deepak Mishra

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Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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