
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा 'विजय फैक्टर'? TVK ने किन दलों की उड़ा दी है नींद
तमिलनाडु की राजनीति में सिनेमा का जादू अब अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के जरिए लौट रहा है। विजय ने टीवीके से तमिल राजनीति में सिनेमा की पारंपरिक ताकत को फिर जीवित करने का प्रयास किया है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव इस साल अप्रैल-मई में होने वाले हैं, जहां ड्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की एमके स्टालिन सरकार सत्ता बचाने की कोशिश करेगी। डीएमके के इतिहास में कभी भी सत्तारूढ़ पार्टी ने लगातार चुनाव नहीं जीते हैं। पिछले 5 वर्षों में स्टालिन सरकार को अपेक्षाकृत सुगम राजनीतिक सफर मिला, क्योंकि विपक्षी अन्नाद्रमुक (AIADMK) में जयललिता की मृत्यु के बाद नेतृत्व का अभाव और आंतरिक कलह रही। 2019, 2024 लोकसभा और 2021 विधानसभा चुनावों में डीएमके की लगातार बड़ी जीत इसी कमजोर विपक्ष के कारण संभव हुई। एआईएडीएमके अब एडप्पादी पलानीस्वामी के नेतृत्व में स्थिर हुई है।
इस बीच, तमिलनाडु की राजनीति में सिनेमा का जादू अब अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के जरिए लौट रहा है। विजय ने टीवीके के माध्यम से तमिल राजनीति में सिनेमा की पारंपरिक ताकत को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। एमजीआर, जयललिता और कुछ हद तक विजयकांत की तरह विजय की स्टारडम पारंपरिक दलों को चिंतित कर रही है। 51 वर्षीय विजय ने रजनीकांत और कमल हासन से अधिक साहस दिखाते हुए समय पर राजनीतिक कदम उठाया।
TVK का कैसा हो सकता है प्रदर्शन
टीवीके को अब तक 15 प्रतिशत तक वोट शेयर का अनुमान है, जबकि कुछ आकलन में इससे अधिक की संभावना जताई जा रही है। छोटी पार्टियां TVK से गठबंधन की ओर इशारा कर रही हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कि टीवीके डीएमके को अधिक नुकसान पहुंचाएगी या एआईएडीएमके को। विजय के ईसाई समुदाय से होने के कारण यह भी देखा जा रहा है कि क्या यह डीएमके के अल्पसंख्यक वोट पर असर डालेगा। राज्य में ईसाई 7 प्रतिशत हैं।
विजय ने किन दलों की बढ़ाई चिंता
करूर भगदड़ मामले में सीबीआई की जांच और उनकी फिल्म जन नायगन पर सेंसर बोर्ड की अड़चनें कुछ लोगों को केंद्र की दबाव रणनीति लग रही हैं, जो विजय को राजनीतिक शहीद बना सकती हैं। टीवीके ने चुनाव घोषणापत्र समिति गठित की है और विजय सक्रिय प्रचार में जुटे हैं। तमिलनाडु की चुनावी राजनीति में विजय की एंट्री ने पारंपरिक गठबंधनों (डीएमके और एआईएडीएमके+भाजपा) को बेचैन कर दिया है। राज्य की सिनेमा-प्रेमी राजनीति में स्टार की वापसी ने नया मोड़ ला दिया है। चुनावी रिंग में विजय अब सबसे चर्चित मुद्दा बन चुके हैं।





