ममता बनर्जी की यह योजना नहीं रोकेंगे शुभेंदु अधिकारी, महिलाओं की बड़ी मददगार है ‘लक्ष्मी भंडार’
पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अब ऐक्शन मोड में आ चुके हैं। सोमवार को उन्होंने कुछ अहम ऐलान किए। इसमें एक ऐलान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार से जुड़ा था। शुभेंदु अधिकारी ने कहाकि भाजपा सरकार, लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर लगाम नहीं लगाएगी।

पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अब ऐक्शन मोड में आ चुके हैं। सोमवार को उन्होंने कुछ अहम ऐलान किए। इसमें एक ऐलान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार से जुड़ा था। शुभेंदु अधिकारी ने कहाकि भाजपा सरकार, लक्ष्मी भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं पर लगाम नहीं लगाएगी। अधिकारी ने सोमवार को एक कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता की, जिसमें छह फैसले लिए गए। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने लक्ष्मी भंडार योजना को लेकर भी बात की। शुभेंदु सरकार ने हिंसामुक्त और सफल चुनाव के लिए चुनाव आयोग का शुक्रिया अदा किया। इसके अलावा प्रदेश में चुनावी हिंसा के दौरान मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं को भी श्रद्धांजलि दी गई।
क्या है लक्ष्मी भंडार योजना
लक्ष्मी भंडार योजना ममता बनर्जी सरकार द्वारा शुरू की गई अति महत्वाकांक्षी योजना थी। इसे साल 2021 में लांच किया गया था। इस योजना के तहत समाज की आर्थिक रूप से महिलाओं को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाती है। इस योजना के लिए योग्य अभ्यर्थियों में 25 से 60 साल की महिलाएं शामिल हैं। इसके तहत एससी या आदिवासी महिलाओं को हर महीने 1200 रुपए और अन्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपए हर महीने दिया जाता है। 2021 चुनाव से पहले इस योजना को ममता का मास्टरस्ट्रोक माना गया था। इस योजना ने ममता के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर की काट के तौर पर काम किया।
जारी रहेंगी कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने लोगों को यह भी आश्वासन दिया कि मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी। उन्होंने बल देकर कहा कि पारदर्शिता में सुधार लाने एवं लाभों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली शुरू की जाएगी। अधिकारी ने कहाकि हम बेईमान लोगों को पिछले दरवाजे से एवं खामियों के माध्यम से इन योजनाओं का लाभ नहीं उठाने देंगे और सब कुछ पारदर्शी होगा। वहीं, राज्य में बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने के लिए सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट देने की भी घोषणा की। शुभेंदु अधिकारी ने कहाकि हमने राज्य में सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए ऊपरी सीमा में पांच साल की छूट देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहाकि राज्य को केंद्र की कई प्रमुख योजनाओं के साथ ज्यादा निकटता से जोड़ते हुए सुशासन, सुरक्षा एवं विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
नबन्ना में BJP सरकार की पहली बैठक
बता दें कि पश्चिम बंगाल की नवगठित सरकार ने सोमवार को राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में अपनी पहली कैबिनेट बैठक की। बैठक के बाद सरकार ने प्रशासनिक, सुरक्षा एवं कल्याण संबंधी उपायों की एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की, जिसमें भारत-बंगलादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल को भूमि हस्तांतरित करना और राज्य में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना सहित केंद्र की विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं को शुरू करना शामिल है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कैबिनेट बैठक से बाहर निकलने के बाद कहाकि आज हमारी पहली कैबिनेट बैठक में हमने बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया है। यह हस्तांतरण प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है और इसे अगले 45 दिनों के भीतर गृह मंत्रालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, बीएसएफ सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा कर लेगी और अवैध घुसपैठ के मुद्दे का समाधान थोड़े समय में कर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव अभियान के दौरान सीमा पर बाड़ लगाना एवं घुसपैठ की समस्या से निपटने के लिए बीएसएफ को भारत-बंगलादेश सीमा पर भूमि आवंटित करना भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दों में शामिल था। अधिकारी के साथ उनके कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष, निशीथ प्रमाणिक, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू भी मौजूद थे।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


