'ममता की तरह कायर या कमजोर नहीं' बाबरी वाले हुमायूं कबीर को CM शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बाबरी मस्जिद समर्थक हुमायूं कबीर को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वह ममता बनर्जी की तरह कमजोर या कायर सीएम नहीं है। इसलिए लोगों को सांप्रदायिक भावना भड़काने वाले बयान देने से बचना चाहिए।

CM Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को एक तीर से दो जगह निशाना साधा। कभी टीएमसी के बागी रहे विधायक हुमायूं कबीर को बिना नाम लिए हुए चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वह ममता बनर्जी की तरह कमजोर या कायर मुख्यमंत्री नहीं है। इसलिए किसी को भी भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करने से पहले सोचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर कोई नेता सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कड़ा ऐक्शन लिया जाएगा। बता दें, मुर्शिदाबाद जिले की रेजिनगर विधानसभा सीट पर हुमायूं कबीर विजयी हुए थे। लेकिन बाद में उन्होंने दूसरी सीट को अपने पास रखते हुए यहां से इस्तीफा दे दिया था। अब इस सीट पर उप चुनाव होने हैं, जिसके लिए दोनों पार्टियां तैयारी कर रही हैं।
मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हुमायूं कबीर का सीधा नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा, "कोई भी इस गलतफहमी में न रहे। मैं ममता बनर्जी जैसा कमजोर और डरपोक मुख्यमंत्री नहीं हूं। मैं निर्वाचित जन प्रतिनिधियों की लापरवाह टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं करूंगा। मैंने स्थानीय विधायक को कहा है कि वह संविधान को ध्यान में रखते हुए अपने शब्दों का सावधानी के साथ चयन करें।"
भाजपा जीती, तो होगी विकास की राजनीति- शुभेंदु अधिकारी
अधिकारी ने रेजिनगर की जनता से अपील की कि अगर वह भाजपा को इस क्षेत्र से जितवाती हैं, तो वह क्षेत्र का खास ख्याल रखेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार वहां विकास का नया दौर शुरू करेगी और जनता की सभी उचित मांगों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने अपनी पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी ने हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करके इस क्षेत्र को विकास में पीछे रखा है। अब इस क्षेत्र में सांप्रदायिक नहीं बल्कि विकास की राजनीति होगी।
हुमायूं कबीर को निशाने पर लिए हुए हैं शुभेंदु अधिकारी
ममता बनर्जी की 15 साल की सत्ता को उखाड़ फेंकने वाले शुभेंदु अधिकारी इस समय हुमायूं कबीर को निशाने पर लिए हुए हैं। यह पहली बार नहीं हैं, जब उन्होंने नौदा विधायक पर निशाना साधा हो। इससे पहले भी जब कबीर ने सांप्रदायिक बयान दिया था तो उन्होंने सीधा निशाना साधा था। 29 जून को उन्होंने कहा था कि नौदा के विधायक को सबक सिखाने का समय आ गया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा के पटल से कहा, "मैं आपको ऐसे लापरवाह और बेलगाम बयान देने की इजाजत नहीं दूंगा। मैं ने केवल उनसे उनके बयान वापस करवाऊंगा बल्कि यह भी सुनिश्चित करूंगा कि वह आगे भी ऐसी कोई टिप्पणी न करें। मैं इस सदन को आश्वस्त करता हूं कि सार्वजनिक रूप से इस तरह की टिप्पणी करने का उनका यह आखिरी मौका होगा।
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लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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