'हमें इसकी कोई जानकारी नहीं', बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर क्या बोले शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमें ऐसी किसी घटना की कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई विस्थापित हुआ है तो पुलिस और प्रशासन उन्हें वापस घर पहुंचाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार को इसकी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों की उचित जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। वे विधानसभा में विपक्ष के नेता सोभनदेब चट्टोपाध्याय की ओर से पोस्ट-पोल हिंसा के आरोपों का जवाब दे रहे थे। चट्टोपाध्याय ने विधानसभा के पहले सत्र के दौरान कहा कि चुनाव के बाद पूरे राज्य में हिंसा हुई है, जिसके कारण कई लोग अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए हैं।
टीएमसी विधायक ने सदन में कहा, 'कई जगहों पर हिंसा हो रही है। कई लोग अब बेघर हैं। सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।' इसके जवाब में अधिकारी ने कहा कि हमें ऐसी किसी घटना की कोई जानकारी नहीं है। अगर कोई विस्थापित हुआ है तो पुलिस और प्रशासन उन्हें वापस घर पहुंचाने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा और सभी सच्चे मामलों में कानून अपना काम करेगा।
चोर-चोर के लगाए गए नारे
टीएमसी सदस्यों ने सदन में भाजपा विधायकों की ओर से चोर-चोर के नारे लगाए जाने पर थोड़ी देर के लिए वॉकआउट भी किया। विपक्षी दल के सदस्य स्पीकर के चुनाव के दौरान सदन में अनुपस्थित रहे, लेकिन बाद में सदन में लौट आए। भाजपा विधायक रथिंद्र बोस निर्विरोध पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर चुने गए। वे राज्य के उत्तरी हिस्से से इस पद पर पहुंचने वाले पहले विधायक बने। स्पीकर के चुनाव के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सदन की कार्यवाही अब लाइव टेलीकास्ट की जाएगी ताकि लोग जान सकें कि सदन के अंदर क्या हो रहा है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सदन लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा और यह संवैधानिक सिद्धांतों व स्थापित नियमों के अनुसार ही चलेगा। हम संविधान को ध्यान में रखते हुए विधानसभा को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने सदन में मजबूत और रचनात्मक विपक्ष की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में असहमति की आवाज को जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम रचनात्मक विपक्ष चाहते हैं। विधानसभा टकराव की जगह नहीं है। संवैधानिक रूप से यह सदन विपक्ष का है। सदन में बोलने का समय 50-50 आधार पर बांटा जाएगा।
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लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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