तारीख नोट कर लो, ममता नहीं रहेंगी सीएम; एक साल पहले ही शुभेंदु अधिकारी ने कर दी थी भविष्यवाणी
बंगाल में टीएमसी के अंदर-उथल पुथल के बीच सीएम शुभेंदु अधिकारी का एक पुराना वीडियो वायरल होरहा है। बताया जा रहा है कि वीडियो एक साल पुराना है जिसमें वह दावा कर रहे हैं कि अगले साल ममता बनर्जी सीएम नहीं रहेंगी।

बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी आक्रामक तरीके से फैसले ले रहे हैं और सरकार की योजनाओं को लागू कर रहे हैं। कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें इस कदर शिकस्त दी है जिसके बाद टीएमसी पार्टी भी संभाले नहीं संभल रही है। टीएमसी में बगावत के बीच शुभेंदु अधिकारी का एक साल पुराना वीडीयो भी वायरल होने लगा है। दावा किया गया है कि यह वीडियो 11 जून 2025 का है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इसकी पुष्टि नहीं करता है।
वीडियो में शुभेंदु अधिकारी कहते हैं, एक साल बाद ममता बनर्जी मुख्यमंत्री नहीं रहेंगी। समय और तारीख नोट कर लो। पत्रकारों से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने यह बात कही थी। एक साल से भी कम समय में यह बात सच साबित हो गई। 4 मई को चुनाव परिणाम आया तो बीजेपी ने जबरदस्त जीत हासिल करते हुए पहली बार पश्चिम बंगाल की सत्ता पर कब्जा कर लिया और 15 साल बाद टीएमसी को हार का मुंह देखना पड़ा। इतना ही नहीं ममता बनर्जी खुद अपनी भी सीट शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ बचा नहीं पाईं।
टीएमसी पर गहराता जा रहा संकट
टीएमसी पर संकट लगातार गहराता ही जा रहा है। टीएमसी के तीन सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं चर्चा है कि कम से कम 20 सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं। गुरुवार को राज्यसभा सदस्य प्रकाश चिक बराइक ने उच्च सदन और पार्टी, दोनों से इस्तीफ़ा दे दिया।वहीं टीएमसी के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला किया और कहा कि वह पार्टी में तभी बने रह पाएंगे जब अभिषेक को सभी नेतृत्व पदों से हटा दिया जाएगा।
पिछले हफ्ते, पार्टी के दो-तिहाई से ज़्यादा विधायकों - 80 में से 58 ने आधिकारिक टीएमसी विधायक दल से अलग होकर, पार्टी से निष्कासित विधायक रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्य विपक्षी गुट के तौर पर मान्यता हासिल कर ली। बाद में, यह संकट संसद सदस्यों तक भी पहुँच गया, जहाँ काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बागी सांसदों ने 20 से ज़्यादा लोकसभा सदस्यों के समर्थन का दावा किया।
ममता का साथ नहीं छोड़ेंगे शत्रुघ्न सिन्हा
गुरुवार को टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि संकट के ऐसे समय में वह ममता बनर्जी का साथ नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जब वह अपने राजनीतिक करियर में एक कठिन दौर से गुजर रहे थे, तब ममता बनर्जी उनके साथ खड़ी थीं। उन्होंने कहा, ''मैं अपने लिए तीन लाइन का व्हिप जारी कर रहा हूं- मैं तृणमूल कांग्रेस और ममता जी के साथ था, मैं तृणमूल कांग्रेस और ममता जी के साथ हूं तथा मैं तृणमूल कांग्रेस और ममता जी के साथ ही रहूंगा। मेरा कहीं और जाने का कोई इरादा नहीं है।'
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लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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