जब बुलडोजर पर खुद बैठे शुभेंदु अधिकारी, 2 लाख से अधिक कफ सीरप की बोतलें नष्ट
मुख्यमंत्री बनने के बाद बालूरघाट के अपने पहले दौरे पर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इसके साथ ही वे बालूरघाट हवाई अड्डे के विकास कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे।
पश्चिम बंगाल में नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को एक कड़ा संदेश दिया। दक्षिण दिनाजपुर जिले के बालूरघाट में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर रखी गईं प्रतिबंधित कफ सीरप की लगभग 2 लाख बोतलों पर मुख्यमंत्री ने खुद रोड रोलर चलाकर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय मंत्री व बालूरघाट के सांसद सुकांत मजूमदार और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखोपाध्याय भी मौजूद थे।
इस कार्रवाई के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य देश की युवा पीढ़ी को नशे की लत से बाहर निकालना और बचाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नशा मुक्त भारत' अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे बेहद प्रासंगिक और सामयिक पहल बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सरकार के आने के बाद से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। पिछले चार महीनों के दौरान बीएसएफ (BSF) और राज्य पुलिस के संयुक्त अभियानों में यह खेप पकड़ी गई थी। आज हमने प्रतीकात्मक रूप से इसे नष्ट किया है। हमारा सीधा संदेश है कि हम पश्चिम बंगाल को पूरी तरह नशा मुक्त बनाएंगे।"
बीएसएफ और पुलिस के समन्वय में सुधार
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि जब्त की गई फेनसिडिल कफ सीरप की बोतलों को अवैध रूप से पड़ोसी देश बांग्लादेश में तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि पहले दक्षिण दिनाजपुर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) और स्थानीय पुलिस के बीच उचित समन्वय नहीं था और बीएसएफ को विरोधी की तरह देखा जाता था। लेकिन बीते चार महीनों में दोनों एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी जब्ती संभव हो सकी है। उन्होंने नशीली दवाओं की तस्करी में लिप्त अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें लंबे समय तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ेगा।
बालूरघाट के लिए मेडिकल कॉलेज की घोषणा
मुख्यमंत्री बनने के बाद बालूरघाट के अपने पहले दौरे पर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इसके साथ ही वे बालूरघाट हवाई अड्डे के विकास कार्यों का निरीक्षण भी करेंगे। अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बालूरघाट क्षेत्र के निवासियों के लिए एक नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना करने की महत्वपूर्ण घोषणा भी की।


