हिमंत-शुभेंदु की जोड़ी का असर? कोर्ट जाकर वापस भेजने की गुहार लगा रहा बांग्लादेशी घुसपैठिया
असम और पश्चिम बंगाल में हिमंत सरमा और शुभेंदु अधिकारी की सरकारों द्वारा बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इसका असर यह हो रहा है कि अब घुसपैठिए कोर्ट में जाकर उन्हें बांग्लादेश भेजने का आग्रह कर रहे हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बांग्लादेशी घुसपैठिया विरोधी रुख का असर नजर आने लगा है। पश्चिम बंगाल में सरकार ने घुसपैठिओं के लिए होल्डिंग कैंप बनवाना शुरू कर दिया है, तो वहीं हिमंत पहले से ही अपने घुसपैठिया विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं। इसका असर यह हो रहा है कि कुछ लोग अपने आप भारत छोड़कर जा रहे हैं, बाकी बचे लोग कोर्ट की शरण की तरफ जाते हुए दिख रहे हैं। ऐसा ही एक मामला असम के श्रीभूमि से सामने आया है। यहां पर एक बांग्लादेशी नागरिक ने अदालत के सामने आत्मसमर्पण करके वापस उसके देश भेजने की गुहार लगाई है। इस घटना के बाद अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर वह किस रास्ते से भारत में घुसा है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्ति की पहचान बांग्लादेश के गोपालगंज इलाके के रहने वाले इस्लाम शेख के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक इस्लाम ने बताया कि वह 'रागबी' नामक एक दलाल की मदद से भारत में घुसा था। इसके बाद उसे गुवाहाटी ले जाया गया। गुवाहाटी पहुंचने के बाद दलाल ने उसे वहीं पर छोड़ दिया और खुद फरार हो गया।
इसके बाद वह ट्रेन पकड़कर सिलचर पहुंचा, जहां से उसने बांग्लादेश वापस जाने का रास्ता ढूंढ़ने की कोशिश की लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। इसी बीच रास्ता ढूंढ़ते हुए वह श्रीभूमि पहुंचा, जहां पर उसने कानूनी मदद मांगने का फैसला किया। इसके बाद वह कोर्ट पहुंचा, जहां पर न्यायाधीश ने उसे पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। फिलहाल असम पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस्लाम भारत में कैसे दाखिल हुआ। इसके अलावा वह उस दलाल का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है।
बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ ऐक्शन में दोनों सीएम
खैर, यह पहली बार नहीं है, जब देश में बांग्लादेशी घुसपैठिया पकड़ा गया है। इसके पहले भी कई लोग ऐसे ही पकड़े गए हैं। हालांकि, यह कानूनी मदद मांगने का तरीका थोड़ा नया लग सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पश्चिम बंगाल में शुभेंदु सरकार की सख्ती और असम में हिमंत के ऐक्शन ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के मन में डर भर दिया है।
पहले यह कहा जाता था कि असम में हिमंत सरकार ऐक्शन लेती है, लेकिन पश्चिम बंगाल की ममता सरकार के अंडर घुसपैठिए आराम से रह सकते थे। लेकिन अब जब से शुभेंदु अधिकारी की सरकार आई है, घुसपैठियों के खिलाफ ऐक्शन शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेशी घुसपैठिओं के खिलाफ डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट की नीति अपनाने का फैसला किया है। इसमें वह राज्यभर में होल्डिंग कैंप बनवाने जा रहे हैं। इन कैंप्स में बांग्लादेशी घुसपैठियों को रखा जाएगा। मालदा में एक होल्डिंग सेंटर बनाया जा चुका है, जिसमें नौ लोग बंद भी हैं।
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लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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