शुभेंदु के मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा, CM के पास गृह-ऊर्जा और भूमि; स्वपन दासगुप्ता को वित्त: देखें- पूरी लिस्ट
पत्रकार से नेता बने स्वपन दासगुप्ता को वित्त विभाग एवं तापस राय को उद्योग विभाग मिला है। वहीं जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वह बीरभूम जिले में सूरी विधानसभा क्षेत्र से विजयी हुए थे।

पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के दस दिन बाद बुधवार (10 जून) को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। पत्रकार से नेता बने स्वपन दासगुप्ता को वित्त विभाग और तापस राय को उद्योग विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि मुख्यमंत्री ने खुद गृह, ऊर्जा और भूमि विभाग रखा है। राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी और मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल द्वारा हस्ताक्षरित अधिसूचना के अनुसार विधाननगर के भाजपा विधायक डॉ. शरदवत मुखर्जी को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है।
पत्रकार से नेता बने एक और मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वह बीरभूम जिले में सूरी विधानसभा क्षेत्र से विजयी हुए थे। बीरभूम से भाजपा नेता दूध कुमार मंडल कृषि मंत्री बनाये गये हैं जबकि दीपक बर्मन को स्कूली शिक्षा विभाग का प्रभार मिला है। बर्मन अलीपुरद्वार जिले में फलकाता से भाजपा नेता हैं। अन्य महत्वपूर्ण विभागों में शंकर घोष को पर्यटन एवं संसदीय कार्य विभाग मिले जबकि अर्जुन सिंह श्रम विभाग एवं परिवहन विभाग के मंत्री बनाये गए हैं। इंद्रनील खान को खेल एवं उपभोक्ता मामले का मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है, जबकि मालती रावा राय को महिला एवं बाल विकास विभाग मिला है।
देखें पूरी लिस्ट:
कैबिनेट मंत्री
शुभेंदु अधिकारी (मुख्यमंत्री): गृह और पहाड़ी क्षेत्र मामले; भूमि और भूमि सुधार तथा शरणार्थी राहत और पुनर्वास; बिजली; सूचना और सांस्कृतिक मामले; कार्मिक और प्रशासनिक सुधार; वे सभी विभाग जो अन्य मंत्रियों को नहीं सौंपे गए हैं।
स्वपन दासगुप्ता: वित्त
दिलीप घोष: पंचायत और ग्रामीण विकास; कृषि विपणन
निशिथ प्रमाणिक: उत्तर बंगाल विकास; जल संसाधन जांच और विकास
अशोक कीर्तनिया: खाद्य और आपूर्ति; सहकारिता
क्षुदीराम टुडू: आदिवासी विकास; अल्पसंख्यक मामले; मदरसा शिक्षा
अग्निमित्रा पॉल: शहरी विकास और नगरपालिका मामले
दीपक बर्मन: स्कूली शिक्षा; आवास; MSME और कपड़ा उद्योग
तापस रॉय: उद्योग, वाणिज्य और उद्यम; सार्वजनिक उद्यम और औद्योगिक पुनर्निर्माण; गैर-पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
डॉ. शंकर घोष: संसदीय कार्य; पर्यटन
मनोज कुमार उरांव: वन और पर्यावरण
अर्जुन सिंह: श्रम; परिवहन
गौरी शंकर घोष: पिछड़ा वर्ग कल्याण; जन शिक्षा विस्तार और पुस्तकालय सेवाएं
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय: उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा; प्रशिक्षण और कौशल विकास
डॉ. कल्याण चक्रवर्ती: सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स; विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी; खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और बागवानी
डॉ. शरदवत मुखर्जी: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण
अरूप कुमार दास: सिंचाई और जलमार्ग
डॉ. अजय कुमार पोद्दार: जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग; लोक निर्माण
दूध कुमार मंडल: कृषि
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
मालती रावा रॉय: महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण; स्वयं सहायता समूह और स्वरोजगार; कार्यक्रम निगरानी
राजेश महता: पशु संसाधन विकास; मत्स्य पालन
डॉ. इंद्रनील खान: युवा सेवाएं और खेल; उपभोक्ता मामले
राज्य मंत्री
जॉयल मुर्मू: आदिवासी विकास; सिंचाई और जलमार्ग
डॉ. हरे कृष्ण बेरा: उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा; प्रशिक्षण और कौशल विकास
आनंदमय बर्मन: परिवहन; वित्त
अशोक डिंडा: कृषि विपणन; MSME और कपड़ा उद्योग
नदियाड़ चंद बाउरी: लोक निर्माण; पिछड़ा वर्ग कल्याण
बिसाल लामा: गृह और पहाड़ी क्षेत्र मामले; अल्पसंख्यक मामले; मदरसा शिक्षा
शांतनु प्रमाणिक: खाद्य और आपूर्ति; पंचायत और ग्रामीण विकास
मौमिता बिस्वास मिश्रा: उद्योग, वाणिज्य और उद्यम; विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी
उमेश राय: संसदीय कार्य; शहरी विकास और नगरपालिका मामले
पूर्णिमा चक्रवर्ती: सूचना और सांस्कृतिक मामले; पर्यटन
कौशिक चौधरी: स्कूली शिक्षा; अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएँ
शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई को ली थी शपथ
बता दें कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नौ मई को पांच कैबिनेट मंत्रियों - दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, निशीथ प्रमाणिक और क्षुदीराम टुडू - के साथ शपथ ली थी। इन मंत्रियों को पहले ही विभाग दे दिये गये हैं। राज्य मंत्रिमंडल का एक जून को महत्वपूर्ण विस्तार हुआ था। राज्यपाल आर एन रवि ने 35 और मंत्रियों को शपथ दिलायी। उनमें से 13 कैबिनेट मंत्री और 22 राज्य मंत्री हैं। तीन स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री भी हैं। इस विस्तार के साथ, मंत्रिपरिषद की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई।
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लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


