हत्यारे को सुधारा जा सकता है, साइबर अपराधी को नहीं; सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कमेंट

Nisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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सूरज पर पार्ट-टाइम नौकरी दिलाने के बहाने 6,55,700 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। हाईकोर्ट ने यह कहते हुए आरोपी को जामनत देने से इनकार कर दिया था कि 'डिजिटल तकनीक के विकास के साथ देश में साइबर अपराध बढ़ रहे हैं।

हत्यारे को सुधारा जा सकता है, साइबर अपराधी को नहीं; सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कमेंट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा है कि किसी हत्यारे को सुधारा जा सकता है, लेकिन साइबर अपराधियों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने साइबर अपराध से जुड़े मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि 'किसी हत्यारे को रिहा करना और उसको सुधारना संभव हो सकता लेकिन साइबर अपराधियों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।'

मोबाइल छीनने को कहा

मौजूदा मामले में आरोपी का जिक्र करते हुए, जिसका कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी का इतिहास रहा है, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि 'उसके (याचिकाकर्ता) जैसे साइबर अपराधी को एक अलग कोठरी में रखा जाना चाहिए, जहां उसे मोबाइल फोन वगैरह के इस्तेमाल की कोई गुंजाइश न हो।' उन्होंने कहा कि इस तरह के लोगों से निपटने का यही एकमात्र तरीका है।

पीठ इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने आईपीसी की धारा 420, 120बी और आईटी अधिनियम की धारा 66डी के तहत दर्ज मामले में याचिकाकर्ता सूरज श्रीवास्तव को जमानत देने से इनकार कर दिया था। आरोपी 12 मई 2025 से जेल में है और उसके खिलाफ तीन आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

धोखाधड़ी के आरोप

सूरज पर पार्ट-टाइम नौकरी दिलाने के बहाने 6,55,700 रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। हाईकोर्ट ने यह कहते हुए आरोपी को जामनत देने से इनकार कर दिया था कि 'डिजिटल तकनीक के विकास के साथ देश में साइबर अपराध बढ़ रहे हैं। साइबर अपराध एक साइलेंट वायरस की तरह हैं, जो चुपके से समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। समाज को केवल आर्थिक नुकसान से कहीं ज्यादा बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है।'

नोएडा में 1 करोड़ से ज्यादा की ठगी

पीटीआई भाषा के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा में साइबर अपराधियों ने दो लोगों से करीब 1.40 करोड़ रुपए कथित तौर पर ठग लिये। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त शैव्या गोयल ने बताया कि गुरुवार को पवन कुमार भारती ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि साइबर अपराधियों ने उनके ई-मेल को हैक करके उनका इंटरनेट 'बैंकिंग पासवर्ड' और 'ओटीपी' अनाधिकृत रूप से हासिल कर लिया तथा उनके खाते से 59 लाख रुपये निकाल लिए।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि बुधवार रात को अक्षय सिंह नाम के व्यक्ति ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि मार्च में कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया और शेयर बाजार में पैसा लगाने के लिए उन्हें राजी किया। गोयल के अनुसार, शुरू में अक्षय ने 50 हजार रुपए लगाये और पांच मार्च 2026 से 12 मार्च तक साढ़े पांच रुपये लगाए।

पुलिस उपायुक्त के अनुसार ठगों ने अक्षय को शेयर बाजार मे ज्यादा मुनाफा का झांसा देकर उनसे करीब 91.78 लाख रुपये निवेश कराए। पीड़ित ने शिकायत में कहा कि जब उन्होंने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उन्हें 'ब्लॉक' कर दिया। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

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लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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