Hindi NewsIndia Newssupreme court says rakesh kishore why we should give him importance
उस शख्स को इतना महत्व क्यों दिया जाए, चीफ जस्टिस की ओर जूता उछालने वाले पर बोला SC

उस शख्स को इतना महत्व क्यों दिया जाए, चीफ जस्टिस की ओर जूता उछालने वाले पर बोला SC

संक्षेप:

बेंच ने कहा कि आखिर राकेश किशोर को इतना महत्व देने की जरूरत ही क्या है। राकेश किशोर ने ही चीफ जस्टिस की ओर जूता उछालने की कोशिश की थी, जिसे रोक लिया गया था। बेंच ने कहा कि राकेश किशोर को अवमानना का नोटिस भेजने का अर्थ होगा कि हम उसे महत्व दे रहे हैं और ऐसा करने की तो जरूरत ही नहीं है।

Oct 27, 2025 12:56 pm ISTSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की ओर जूता उछालने की कोशिश करने वाले शख्स के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सोमवार को इस संबंध में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए बेंच ने कहा कि आखिर राकेश किशोर को इतना महत्व देने की जरूरत ही क्या है। राकेश किशोर ने ही चीफ जस्टिस की ओर जूता उछालने की कोशिश की थी, जिसे रोक लिया गया था। बेंच ने कहा कि राकेश किशोर को अवमानना का नोटिस भेजने का अर्थ होगा कि हम उसे महत्व दे रहे हैं और ऐसा करने की तो जरूरत ही नहीं है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

अदालत ने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि उस शख्स को इतना महत्व क्यों देना है। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि ऐसे लोगों की सिस्टम में कोई जगह नहीं है। उसके खिलाफ अवमानना का केस करने का मतलब होगा कि उसे बेवजह तवज्जो देना, जिसके वह लायक ही नहीं है। हम इस मामले में उसके प्रति वही रवैया रखेंगे, जैसा चीफ जस्टिस ने रखा है। दरअसल इस मामले को लेकर जस्टिस गवई ने कहा था कि मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। यही नहीं उन्होंने जूता उछालने की कोशिश के आरोपी के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई या केस चलाए जाने से भी इनकार किया था।

अब अदालत ने उनके ही रुख को नजीर बनाते हुए कोई अवमानना की कार्रवाई न करने का फैसला लिया है। जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि हम आरोपी वकील के खिलाफ केस चलाए जाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नोटिस दिए जाने से फिर उस शख्स को तवज्जो मिलेगी, जबकि इस मामले को भुलाने की जरूरत है। बेंच ने कहा कि कोर्ट में नारे लगाना या फिर जूता उछालना सीधे तौर पर अवमानना की कार्रवाई के तहत आता है। लेकिन यह संबंधित जज के ऊपर है कि मामला चले या नहीं, जिसकी अदालत में ऐसा हुआ हो या जिसे टारगेट किया गया हो। अदालत ने कहा कि यह मामला है, जिसे समय के साथ भूल जाना चाहिए।

Surya Prakash

लेखक के बारे में

Surya Prakash
दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। करियर की शुरुआत प्रिंट माध्यम से करते हुए बीते करीब एक दशक से डिजिटल मीडिया में हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क के इंचार्ज हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।