Hindi NewsIndia NewsSupreme Court says Hindu Succession Act Does not Apply To Scheduled Tribes
अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं होता यह कानून, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को क्यों पलटा?

अनुसूचित जनजातियों पर लागू नहीं होता यह कानून, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को क्यों पलटा?

संक्षेप: इससे पहले हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में हिंदू सक्सेशन एक्ट को लागू किया जाना चाहिए ताकि सामाजिक अन्याय और शोषण को रोका जा सके। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की राय अलग थी।

Wed, 22 Oct 2025 06:58 PMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट ने आदिवासी बहुल इलाकों में उत्तराधिकार संबंधी मामलों में हिंदू सक्सेशन एक्ट को लागू किए जाने के हाईकोर्ट के निर्देशों को खारिज कर दिया है। उच्चतम न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई के दौरान इस बात को दोहराया है कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 अनुसूचित जनजाति के लोगों पर लागू नहीं होता है।

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जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा जारी उस निर्देश को रद्द कर दिया, जिसमें HC ने कहा था कि राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में बेटियों को संपत्ति का उत्तराधिकार हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के अनुसार मिलेगा, ना कि आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार।

कानून में क्या?

लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि HC का यह निर्देश हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 2(2) के विपरीत है। इस अधिनियम की धारा 2(2) के मुताबिक “इस अधिनियम में निहित कोई भी कानून संविधान के अनुच्छेद 366 के खंड (25) के अर्थ में किसी भी अनुसूचित जनजाति के सदस्यों पर लागू नहीं होगी, जब तक कि केंद्र सरकार, आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, अन्यथा निर्देश न दे।”

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हाईकोर्ट के फैसले पर अपील

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के 2015 के एक फैसले को लेकर अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने इस पर टिप्पणी की थी कि राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में बेटियों का शासन प्रथागत कानूनों के बजाय हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम द्वारा होना चाहिए, ताकि सामाजिक अन्याय और शोषण को रोका जा सके। हालांकि तिरिथ कुमार एवं अन्य बनाम दादूराम एवं अन्य (2024) में अपने पहले के फैसले का जिक्र करते हुए पीठ ने दोहराया कि अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के दायरे से स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari
जागृति ने 2024 में हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल सर्विसेज के साथ अपने करियर की शुरुआत की है। संत जेवियर कॉलेज रांची से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन करने बाद, 2023-24 में उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा हासिल किया। खबरें लिखने के साथ साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और अर्थव्यवस्था की खबरों को पढ़ना पसंद है। मूल रूप से रांची, झारखंड की जागृति को खाली समय में सिनेमा देखना और सिनेमा के बारे में पढ़ना पसंद है। और पढ़ें
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