Hindi NewsIndia NewsSupreme Court says Government to pay bail amount of poor undertrials
गरीब विचाराधीन कैदियों की जमानत राशि अब सरकार भरेगी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

गरीब विचाराधीन कैदियों की जमानत राशि अब सरकार भरेगी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

संक्षेप:

जज एमएम सुंदरेश और एससी शर्मा की पीठ ने कहा कि DLSA एक लाख रुपये तक की जमानत राशि भर सकता है। अगर ट्रायल कोर्ट ने इससे अधिक राशि तय की है, तो डीएलएसए इसे कम करने के लिए आवेदन दायर करेगा।

Sun, 19 Oct 2025 07:27 AMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट ने एक अनूठी SOP तैयार की है, जिसमें निर्देश दिया गया कि अगर कोई गरीब व्यक्ति जमानत के लिए आर्थिक गारंटी देने में असमर्थ है, तो सरकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के जरिए इसे मुहैया करेगी। इस तरह उसकी रिहाई सुनिश्चित की जाएगी। अदालत ने यह एसओपी सीनियर वकील सिद्धार्थ लूथरा और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी के सुझावों के बाद तैयार की। यह मामला एससी ने स्वतः संज्ञान में लिया, जब उसे पता चला कि हजारों विचाराधीन कैदी जमानत मिलने के बावजूद केवल इसलिए जेल में बंद हैं क्योंकि वे जमानत बांड या गारंटर प्रदान नहीं कर पा रहे हैं।

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जज एमएम सुंदरेश और एससी शर्मा की पीठ ने कहा कि DLSA एक लाख रुपये तक की जमानत राशि भर सकता है। अगर ट्रायल कोर्ट ने इससे अधिक राशि तय की है, तो डीएलएसए इसे कम करने के लिए आवेदन दायर करेगा। पीठ ने कहा कि अगर जमानत मिलने के 7 दिनों के भीतर विचाराधीन कैदी को रिहा नहीं किया जाता, तो जेल प्रशासन DLSA सचिव को सूचित करेगा। सचिव तुरंत एक व्यक्ति को यह जांचने के लिए नियुक्त करेगा कि क्या कैदी के पास अपने बचत खाते में धनराशि है। यदि आरोपी के पास पैसे नहीं हैं, तो जिला स्तर की सशक्त समिति DLSA की सिफारिश पर 5 दिनों के भीतर जमानत के लिए धनराशि जारी करने का निर्देश देगी।

अदालत ने अपने फैसले में क्या कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'ऐसे मामलों में जहां सशक्त समिति यह सिफारिश करती है कि विचाराधीन कैदी को गरीब कैदियों के लिए सहायता योजना के तहत वित्तीय सहायता दी जाए, तो प्रति कैदी के लिए 50 हजार रुपये तक की आवश्यक राशि को निकालकर संबंधित कोर्ट को फिक्स्ड डिपॉजिट दिया जाएगा। या फिर, जिला समिति की ओर से उचित समझे गए किसी अन्य तरीके से पांच दिनों के भीतर इसे उपलब्ध कराना होगा, जो कि आपराधिक न्याय प्रणाली में एकीकरण तक लंबित रहेगा।'

Niteesh Kumar

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Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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