Hindi NewsIndia NewsSupreme Court quashed POCSO case pending against a man who married that Girl
नाबालिग लड़की से बनाए संबंध, बाद में कर ली शादी; POSCO मामले पर सुप्रीम कोर्ट का क्या फैसला

नाबालिग लड़की से बनाए संबंध, बाद में कर ली शादी; POSCO मामले पर सुप्रीम कोर्ट का क्या फैसला

संक्षेप:

एससी की पीठ ने कहा, ‘हम जानते हैं कि अपराध केवल किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज के खिलाफ भी होता है। फिर भी न्याय करते समय परिस्थितियों की संवेदनशीलता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।’

Sat, 1 Nov 2025 08:43 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट ने दुर्लभ फैसले में एक व्यक्ति के खिलाफ चल रहे POCSO मामले को रद्द कर दिया। यह मामला उस शख्स से जुड़ा था जिसने नाबालिग लड़की से संबंध बनाए थे और बाद में उससे विवाह कर लिया। न्यायालय ने कहा कि यह अपराध वासना का नतीजा नहीं, बल्कि प्रेम का था। जज दीपांकर दत्ता और जज एजी मसीह की पीठ ने कहा कि पीड़िता अब आरोपी की पत्नी है। उसने खुद बताया कि वे विवाहित हैं, उनका एक साल का पुत्र है और वे सुखी जीवन जी रहे हैं। लड़की के पिता ने भी गुहार लगाई कि उनकी बेटी के पति के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही समाप्त की जाए।

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पीठ ने कहा, 'हम जानते हैं कि अपराध केवल किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज के खिलाफ भी होता है। फिर भी न्याय करते समय परिस्थितियों की संवेदनशीलता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत को हर मामले में सख्ती और करुणा के बीच संतुलन बनाना होता है।' कोर्ट ने यह भी कहा कि समाज के हित में विवादों को सुलझा देना भी आवश्यक है। जज दत्ता ने अपने फैसले में लिखा कि अदालत को न्याय, निवारण और पुनर्वास – तीनों के बीच संतुलन बनाए रखना होता है। संविधान निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट को यह असाधारण शक्ति इसलिए दी थी ताकि कठोर कानून के प्रयोग से किसी के साथ अन्याय न हो।

फैसला सुनाते हुए अदालत ने दिए ये तर्क

अदालत ने कहा, 'कानून के अनुसार यह अपराध गंभीर है। सामान्य परिस्थितियों में समझौते के आधार पर इसे रद्द नहीं किया जा सकता। लेकिन इस मामले में पत्नी की दया और सहानुभूति की पुकार को अनसुना करना न्याय के उद्देश्यों की पूर्ति नहीं करेगा।' पीठ ने माना कि आरोपी और पीड़िता अब कानूनी रूप से विवाहित हैं और उनका परिवार बस चुका है। एससी की पीठ ने कहा, 'हमने पाया कि यह अपराध वासना का नहीं, बल्कि प्रेम का नतीजा था। पीड़िता स्वयं अपने पति के साथ शांतिपूर्ण और स्थिर पारिवारिक जीवन जीना चाहती है।'

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें
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